खुर्जा के नव दुर्गा शक्ति मंदिर में मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप में सजी माता की मूर्ति - संवाद
खुर्जा। नवदुर्गा शक्ति मंदिर में नवरात्र के दूसरे दिन में माता रानी को पीले रंग की पोशाक धारण कराकर ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की गई। चीनी का भोग लगाया गया। मंदिर में सुबह पांच बजे से श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
भक्त मंदिर में माता रानी के दर्शन के लिए सुबह-शाम में नंगे पैर पहुंच रहे हैं। वहीं मंदिर कमेटी के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय कुमार गर्ग ने बताया कि मंदिर परिसर में एक मनोकामना स्तंभ मौजूद है। जहां पर भक्त माता रानी के सम्मुख अपनी मनोकामना की प्रार्थना कर चुन्नी बांधते हैं और अपनी मनोकामना पूरी होने पर प्रसाद अर्पण कर चुन्नी खोलकर जाते हैं।
पुजारी सुरेश चंद ने बताया कि ब्रह्मचारिणी मां की नवरात्र के दूसरे दिन पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को मां के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। मंदिर की व्यवस्थाओं में प्रधान देवेश कौशिक , सचिव रोहित अग्रवाल, निमिष कुमार गर्ग, प्रेमप्रकाश अरोरा, अजीत मित्तल, विकास वर्मा, आदि मौजूद रहे।