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Bulandshahar News: सर्द माैसम में भगवान को पहनाए जा रहे स्वेटर

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नगर के साठा में लड्डू गोपाल को सर्दी से बचाने के लिए पहनाए गए गर्म कपड़े। संवाद
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बुलंदशहर। कड़ाके का असर लोगों पर ही नहीं बल्कि देवी-देवताओं पर भी पड़ा है। अपने आराध्य को सर्दी से बचाने के लिए भक्त उन्हें गर्म कपड़े पहना रहे हैं। कोई ऊनी कपड़े, तो कोई वेलवेट से सिले गर्म कपड़े पहना रहा है।
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कोई भगवान को रजाई, तो कोई कंबल ओढ़ा रहा है। कई भक्तों ने तो हीटर और ब्लोअर की व्यवस्था भी की है। वहीं, बाजारों में भी भगवान को ठंड से बचाने के लिए ऊनी पोशाकों की बिक्री भी बढ़ी है। उधर, मंदिरों में भी भगवान को रजाई-शॉल समेत अन्य गर्म कपड़े ओढ़ाए जा रहे हैं।
लोग भगवान को भी अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। सर्दी बढ़ने पर भक्तों को लगता है कि जिस तरह मौसम का असर उन पर पड़ रहा है उसी तरह उनके आराध्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इसी वजह से खुद ऊनी वस्त्र पहनने के साथ-साथ भगवान को भी ऊनी वस्त्र पहना रहे हैं।
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नगर के साठा निवासी मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि भगवान को मखमली कपड़ों के साथ-साथ ऊनी वस्त्र पहना रही हूं। साथ ही, भोग में आलू, मैथी के परांठे, गाजर व मूंग की दाल का हलवा और गर्म दूध का भोग लगा रही हूं। जिससे भगवान को सर्दी न लगे।
औरंगाबाद निवासी पूजा शर्मा ने बताया कि यह एक सेवा का भाव है। जिस तरह लोगों को ठंड लगती है। उसी तरह हम लोग इस भाव से कि भगवान को ठंडी न लगे, इसलिए गर्म कपड़े पहनाते हैं।
बालक की तरह भगवान की सेवा करते हैं। गर्मी में पंखा-एसी-कूलर चलाते हैं। उसी तरह सर्दी में गर्म कपड़े पहनाने के साथ हीटर भी चलाते हैं। भगवान को कुछ नहीं चाहिए वह केवल भाव के भूखे होते हैं।
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