खुर्जा। आयुर्वेद की महिमा प्राचीन काल से ही देश ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने संबोधन में कई बार आयुर्वेद की विशेषता के बारे में बता चुके हैं। यह बातें वैद्य यज्ञ दत्त महाविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पद्मभूषण, पद्मश्री राजवैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने कहीं।
राजवैद्य ने कहा कि आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं आने वाले समय में जब शिक्षक, प्रवक्ता या शोधकर्ता बनेंगे तब खुद को गौरवान्वित महसूस करेंगे। छात्र-छात्राओं से कहा कि चिकित्सक के साथ-साथ अच्छा नागरिक बनना भी जरूरी है। जब मन भाव शुद्ध होता है तभी औषधियां प्रभावशाली होती हैं। इसी के साथ उन्होंने आयुर्वेद के कई उदाहरण भी दिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के अध्यक्ष प्राध्यापक राकेश शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद महासम्मेलन विशेष संगठन है। इसका गठन 24 मई 1907 को हुआ था। तब से प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति और देश की अन्य महान विभूतियां, सभी आयुर्वेद पर विश्वास रखते थे। उनका उपचार करने वाले चिकित्सक ही इस सम्मेलन में शामिल होते आए हैं। पद्मश्री देवेंद्र त्रिगुणा भी प्रधानमंत्री के चिकित्सक रह चुके हैं।
प्रादेशिक आयुर्वेद सम्मेलन के अध्यक्ष वैद्य गोपाल दत्त शर्मा ने बताया कि महासम्मेलन का स्थापना दिवस 24 मई को होता है। इसी अवसर पर शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के वैद्य पहुंचे।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, देव धनवंतरी आदि पर सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। साथ ही द्रोपदी चीर हरण पर लघु नाटक का मंचन किया गया। इसके अलावा महाविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में ही शताब्दी ग्रंथ और गौरव ग्रंथ पुस्तक का विमोचन किया गया।
मंच का संचालन वैद्य ब्रजभूषण शर्मा ने किया। इस दौरान वैद्य अवधेश श्रीवास्तव, वैद्य ताराचंद शर्मा, डॉ. वंदना रानी, डॉ. हिमांशु दत्त शर्मा, सुधांशु दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
खुर्जा के वैद्य यज्ञदत्त महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि । संव
खुर्जा के वैद्य यज्ञदत्त महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि । संव