ग्रामीणों को गोबर के बदले मिलेगी गैस
बुलंदशहर। ग्रामीणों को जल्द ही गोबर के बदले गैस मिलेगी। इससे वह दो वक्त का भोजन बना सकेंगे। यह सुविधा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण गोवर्द्धन योजना के तहत लगने वाले गोबर गैस प्लांट से मिलेगी। इसके लिए जिला पंचायती राज अधिकारी ने शासन को एक ग्राम पंचायत में प्लांट लगाकर शुरू करवाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है।
शासन ने गोवर्द्धन योजना के तहत गांव में गोबर गैस प्लांट लगवाने की पहल की है। इस योजना के तहत ग्रामीण दो रुपये किलो के हिसाब से गोबर प्लांट को बेच सकेंगे। इसके बदले में 10 रुपये में इतनी गोबर गैस दी जाएगी कि दोनों पहर का भोजन बन सके। मतलब पूरे महीने में केवल 300 रुपये का खर्च आएगा। पीएनजी की तरह काम करने वाली यह गैस पाइप लाइन के माध्यम से वितरित की जाएगी। सुबह-शाम दो-दो घंटे गैस मिलेगी। इस प्लांट की लागत 24 हजार से 50 लाख रुपये तक रहेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद ही गोबर गैस प्लांट लगाने के लिए गांव का चयन किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। इस समय गैस सिलिंडर एक हजार रुपये से अधिक का मिल रहा है, जबकि इस प्लांट से मिलने वाली गैस काफी सस्ती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत एक प्लांट मिलने के बाद अन्य गांवों में भी इसी तरह के प्लांट लगाने के लिए फिर से शासन को प्रस्ताव भेजे जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इस योजना का लाभ मिल सके।
जिस गांव में अधिक पशु होंगे, उसी का किया जाएगा चयन
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत मिलने वाले गोबर प्लांट के लिए उसी गांव का चयन किया जाएगा, जहां पर पशुओं की संख्या अधिक होगी। जितना अधिक गोबर होगा, उससे प्लांट में उतनी अधिक गैस तैयार की जा सकेगी। प्लांट लगाने के लिए ऐसे गांव का चयन तभी किया जाएगा, जब शासन से प्रस्ताव पर अनुमति मिल जाएगी।
गोवर्द्धन योजना के तहत प्रथम चरण में सभी जिलों में एक-एक गोबर गैस प्लांट लगाए जाएंगे। इसके चलते विभाग की ओर से भी एक प्लांट लगवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। संभावना है कि इस पर जल्द ही मुहर लग जाएगी। शासन की इस योजना से ग्रामीणों को घरेलू गैस सिलिंडर से गोबर गैस मिल सकेगी। - डॉ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी।