औरंगाबाद में दो दिन से कूड़ा न उठने पर दुकान के बाहर बिखरा पड़ा कूड़ा। संवाद
औरंगाबाद। औरंगाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले दो माह से संविदाकर्मियों को मानदेय नहीं मिला है। इस पर वे बृहस्पतिवार की सुबह से हड़ताल पर चले गए। ऐसे में शुक्रवार को भी कर्मियों ने न तो कूड़ा उठाया और न ही सफाई की। इस कारण नगर की सफाई व्यवस्था धड़ाम हो गई। सफाईकर्मियों ने मानदेय न मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर में 100 से अधिक संविदाकर्मी ठेके पर रखे हुए हैं। पिछले करीब दो माह से उनको मानदेय नहीं दिया जा रहा है। जबकि नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि उन्होंने ठेकेदार की फर्म के खाते में भुगतान कर दिया है। मानदेय न मिलने से क्षुब्ध होकर संविदाकर्मी बृहस्पतिवार से हड़ताल पर चले गए। पिछले दो दिन से वे पंप नंबर दो पर धरना दे रहे हैं।
सफाई और कूड़ा उठान न होने से कई मोहल्लों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। संविदाकर्मी अमरजीत, नरेश, संदीप, आकाश, नरेंद्र, गजेंद्र, विकास, कुलदीप, सतेंद्र, हुकम, मुख्तयार, नितिन, धर्मवीर, सहदेव व अमन का आरोप है कि चेयरमैन की मिलीभगत से पिछले कई वर्षों से एक ही फर्म को ठेका दिया जा रहा है जो संविदाकर्मियों का खुलेआम शोषण कर रहा है। ईओ से ठेकेदार की शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
संविदाकर्मियों के वेतन में फर्जीवाड़ा पकड़े पर ठेकेदार की लापरवाही के चलते उनका मानदेय लेट हुआ है। शुक्रवार को ठेकेदार की फर्म में पैसा डाल दिया गया है। शनिवार को संविदाकर्मियों के खाते में पैसा ट्रांसफर हो जाएगा। - सेवाराम राजभर, ईओ, नगर पंचायत औरंगाबाद