गांव इमलिया में सड़क किनारे उठता धुआं। संवाद
बुलंदशहर। कूड़ा-कचरा जलाने पर पाबंदी के बावजूद गांव इमलिया की सड़कों पर पिछले एक माह से जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। जिसका धुआं 24 घंटे सड़कों पर उड़ता रहता है। इससे राहगीरों को पास से निकलने के दौरान सांस लेने में परेशानी हो रही है। शनिवार रात को भी तीन से अधिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा जलाया गया। जिसका धुआं रविवार को सड़क किनारे उड़ता नजर आया। वहीं, रविवार को बुलंदशहर का 218 तो खुर्जा का 195 औसत एक्यूआई मापा गया।
कूड़ा-कचरा जलाने, धूल उड़ने, जाम लगने व वाहनों से निकलने वाले धुएं से शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में चल रही है। जबकि जिले में ग्रेप का दूसरा चरण लागू है। इसके बावजूद जगह-जगह अभी भी कूड़ा-कचरा जलाया जा रहा है। वहीं, सदर तहसील क्षेत्र के गांव इमलिया में पिछले एक माह पूर्व से प्रतिदिन सड़क किनारे कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक, पॉलिथीन आदि को आग के हवाले कर दिया जाता है।
जिसका धुआं वातावरण को प्रदूषित करने के साथ लोगों की समस्याएं बढ़ा रहा है। जबकि पिछले माह कूड़ा-कचरा जलाने से रोकने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को नोटिस जारी हो चुका है। इसके बावजूद अभी भी कूड़ा जलना बंद नहीं हुआ है। स्याना से प्रतिदिन बुलंदशहर अप-डाउन करने वाले युवक रविंद्र ने बताया कि इमलिया में धुएं की वजह से अक्सर सांस लेने में परेशानी हो जाती है।
औरंगाबाद निवासी नितिन ने बताया कि काम के सिलसिले में अक्सर बुलंदशहर आना-जाना होता है। इमलिया में सड़क किनारे धुआं उठता रहता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रविवार को बुलंदशहर का 218 तो खुर्जा का 195 औसत एक्यूआई मापा गया।
Iजहां भी आग लगाई जा रही है। उसका पता किया जाएगा। साथ ही संबंधित को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। - नवीन कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी I
गांव इमलिया में सड़क किनारे उठता धुआं। संवाद