बुलंदशहर। विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) ने जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधी रोहित को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह कार्रवाई अहमदगढ़ पुलिस द्वारा वर्ष 2017 में दर्ज किए गए गैंगस्टर एक्ट के मामले में की गई है।
अभियुक्त रोहित निवासी गांव जमालपुर, शिकारपुर अंकुर शर्मा के नेतृत्व वाले एक सक्रिय गैंग का सदस्य था। इस गैंग में कुल छह सदस्य शामिल थे, जो क्षेत्र में लूटपाट और अन्य जघन्य अपराधों को अंजाम देकर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए तत्कालीन थाना अध्यक्ष अहमदगढ़ ने 26 अक्टूबर 2017 को गिरोह का चार्ट तैयार किया था। इसके बाद 30 नवंबर 2017 को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (गैंगस्टर) अधिनियम की धारा 2/3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
मामले की विवेचना शिकारपुर पुलिस ने की और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम विशेष न्यायाधीश, गैंगस्टर एक्ट चंद्रविजय श्रीनेत ने साक्ष्यों के आधार पर रोहित को दोषी माना। न्यायालय ने उसे दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड न भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले को जेल में बिताई गई अवधि की सजा
वर्ष 1998 में आरोपी रसीद और मुनिया उर्फ वकील निवासी मोहल्ला पीरखां गुलावठी द्वारा गुलावठी क्षेत्र में यातायात अवरूद्ध कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। 14 सितंबर 1998 को थाना गुलावठी में मुकदमा दर्ज किया गया और 16 अक्तूबर 1998 को पुलिस द्वारा जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया गया। न्यायालय एसीजेजेडी-2 शिवांगनी सोनकर ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी रसीद एवं मुनिया उर्फ वकील को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और चार-चार हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।