गंगा की सफाई पर केंद्र सरकार भले ही अरबों रुपये खर्च कर रही हो मगर सरकारी मशीनरी ही गंगा को मैला कर रही है। नरौरा नगर पंचायत क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं होने के कारण हजारों गैलन गंदा पानी हर रोज गंगा में बहाया जा रहा है। इस पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने ईओ नरौरा को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
नरौरा नगर पंचायत क्षेत्र की आबादी करीब 40-45 हजार है। पंचायत क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं। ऐसे में घर, दुकान और कारखानों से निकलने वाला दूषित पानी गंगा में बहाया जा रहा है। गंगा तक पहुंचने वाले गंदे पानी की मात्रा कितनी है, इसकी सही जानकारी नगर पंचायत अफसरों को भी नहीं है।
एक अनुमान के मुताबिक हजारों गैलन दूषित पानी रोजाना गंगा में बहाया जा रहा है। नरौरा नगर पंचायत का नाला बंद नहीं हुआ तो गंगा में प्रदूषण और बढ़ सकता है। उधर, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में केंद्र और स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवगत करा दिया गया है।
नगर पंचायत नरौरा का जहरीला पानी गंगा में बहाया जा रहा है। इस संबंध में केंद्र और स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवगत करा दिया गया है। आगे की कार्यवाही वहीं से होगी। - जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी