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जिले में अब निर्मल होगी मोक्षदायिनी गंगा

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जिले में गंगा किनारे एक गांव में बनाया जा रहा खाद का गड्ढा। - फोटो : BULANDSHAHR
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जिले में अब निर्मल होगी मोक्षदायिनी गंगा
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बुलंदशहर। गंगा में 32 गांवों का गंदा पानी और कूड़ा-कचरा अब नहीं गिरेगा। इसके लिए नदी किनारे बसे इन गांवों में सोखते और खाद के गड्ढे बनवाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों द्वारा इनका निर्माण करवाया जा रहा है।
जिले की सीमा से गुजर रही गंगा नदी किनारे के 32 गांव हैं। गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए नमामि गंगे मिशन के तहत कई तरह के काम किए जा रहे हैं। गंगा किनारे बसे गांवों का गंदा पानी और कूड़ा-कचरा गंगा में न पहुंचे, इसके लिए भी पिछले काफी समय से प्रयास जारी हैं। करीब चार साल पहले भी नाममि गंगे योजना के तहत इन गांवों में सीवरेज प्लांट बनाए जाने थे लेकिन जगह न मिल पाने के कारण इनका निर्माण नहीं हो सका। अब एक बार फिर इन गांवों में सोखता और खाद के गड्ढे बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे गंदे पानी और कूड़े-कचरे का निस्तारण गांव में ही हो जाएगा।
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घर-घर से एकत्रित किया जाएगा कूड़ा-कचरा, लगेंगे डस्टबिन
सोखता गड्ढे बनने से गांव का गंदा पानी उसमें एकत्रित होगा। वहीं सभी 32 गांवों में घर-घर से कूड़ा-कचरा एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए गांव में डस्टबिन भी लगेंगे। साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाएगा।
इन गांवों में हो रहा निर्माण
बच्चीखेड़ा बांगर, सिरौरा बांगर, अहार बांगर, आलमपुर उर्फ तोरई बांगर, फतेहपुर, हसनपुर बांगर, मोहम्मदपुर बांगर, शेरपुर बांगर, ऊंचागांव खादर, बदरपुर, भौपतपुर, बिलौना रूप, ढकनगला, गोकुलपुर खादर, कर्णवास बांगर, भैरिया हरिद्वारपुर, नौदेई बांगर, नयाबांस बांगर, निवाढ़ी बागर, राजघाट बांगर, रामघाट बांगर, रतुआ नगला उर्फ महाराजपुर, तलवार, उदयगढ़ी बांगर, रवानी टीकरी, औरंगाबाद ताहरपुर, बसी बांगर, चांसी, फरीदा बांगर, मवई और रसूलपुर गांवों में सोखता और खाद के गड्ढे बनाए जा रहे हैं।
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ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिली राशि से सोखते और खाद के गड्ढों का निर्माण करवाया जा रहा है। कार्य होने के बाद सभी ग्राम पंचायतों से खर्च का ब्योरा प्राप्त किया जाएगा। उसी के बाद यह पता चलेगा कि इस कार्य पर कितनी राशि खर्च हुई है। - प्रीतम सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी।
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