गंगा में ढाई हजार क्यूसेक पानी बढ़ने से बढ़ी चिंता, अहार में पैंटून पुल क्षतिग्रस्त
बुलंदशहर। चमोली में गत दिनों ग्लेशियर फटने के बाद गंगा में रविवार तक ढाई हजार क्यूसेक पानी बढ़ जाने से क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा में पानी बढ़ने से अहार में पैंटून पुल क्षतिग्रस्त हो गया। खादर में पालेज को नुकसान की संभावना बन गई है। वहीं, दूसरी ओर अफसरों ने अभी ज्यादा पानी नहीं होने की बात करते हुए दो दिन में स्थिति सामान्य होने की बात कही है।
उत्तराखंड के चमोली में गत दिनों ग्लेशियर फटने के बाद गंगा किनारे क्षेत्र में शासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके चलते जिला प्रशासन भी सजग हो गया और गंगा घाटों से सामान हटवा दिया गया और लोगों को गंगा किनारे से दूर रहने के लिए मुनादी आदि करवाई थी। लेकिन पानी नहीं बढ़ने पर सभी ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अब दो दिन में एक बार फिर गंगा में ढाई हजार क्यूसेक पानी बढ़ने से सभी की चिंता बढ़ गई है। इसके चलते अमरोहा जनपद का संपर्क भी टूट गया है। वहीं, दूसरी ओर पानी बढ़ने से खादर में सब्जी आदि की पालेज को नुकसान की संभावना बढ़ने लगी है। गंगा किनारे गांवों के ग्रामीणों ने गंगा की खादर में सब्जी आदि की पालेज बो रखी है, लेकिन पानी बढ़ने से वह पानी की चपेट में आ गई है। बढ़ रहे पानी पर जिला प्रशासन भी नजर रखे हुए है। सिंचाई विभाग नरौरा के एसडीओ जुल्फकार खान ने बताया कि गंगा नदी में शनिवार तक आठ हजार क्यूसेक पानी था, जो अब ढाई हजार क्यूसेक बढ़कर साढ़े दस हजार क्यूसेक हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक जो पानी बढ़ा है। इससे फ्लड की संभावना नहीं बन रही है। फ्लड के लिए 30 हजार क्यूसेक पानी होना चाहिए। गंगा में बढ़ा पानी दो दिन में स्थिर हो जाएगा।