डायट परिसर में प्रदर्शन करतीं शिक्षिका।
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स्कूल आवंटन में मनमानी का आरोप लगाकर किया हंगामा, पहुंची पुलिस
बुलंदशहर। शासन के आदेश पर रविवार को डायट परिसर में अंतर जनपदीय स्थानांतरण के तहत आए शिक्षकों को स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी बीच शिक्षकों ने अफसरों पर स्कूल आवंटन में मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई और किसी तरह शिक्षकों को शांत किया। अफसरों का कहना है कि स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शासन से जारी नियमानुसार ही होगी। लगभग सभी शिक्षक सिकंदराबाद, बीबीनगर और गुलावठी ब्लॉक के स्कूलों की मांग कर रहे हैं। इस दौरान करीब आधा घंटा स्कूल आवंटन की प्रक्रिया भी रुकी रही।
शिक्षकों की शासन से स्कूल आवंटन की सूची मिलने पर रविवार को डायट परिसर में स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस दौरान शिक्षकों ने विभाग पर स्कूल आवंटन में मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षकों का आरोप है कि नजदीक के ब्लॉकों में जगह है, लेकिन अफसर उन्हें ओपन नहीं कर रहे हैं। स्कूल आवंटन में मनमानी की जा रही है। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझ कर उन्हें ग्रामीण क्षेत्र के दूर के स्कूलों में भेजा जा रहा है। ऐसे में महिला शिक्षिकाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी होगी। शिक्षकों ने नजदीक के ब्लॉक में स्कूल लेने के लिए डायट परिसर में जमकर हंगामा किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षकों का हंगामा देखकर अफसरों ने स्कूल आवंटन की प्रक्रिया को रोक दिया और मौके पर पुलिस को भी बुला लिया। बीएसए के समझाने के बाद शिक्षक शांत हुए। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालते हुए शिक्षकों के परिजनों को डायट से बाहर किया। काफी गहमागहमी के बाद आधे घंटे के बाद विभाग ने स्कूल आवंटन की प्रक्रिया को फिर से शुरू किया। अफसरों ने शिक्षकों के आरोप पूरी तरह से गलत बताए। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक नजदीक के ब्लॉक सिकंदराबाद, गुलावठी और बीबीनगर में जाना चाहते हैं। शासन की क्या गाइडलाइन है उसी के अनुरूप शिक्षकों को स्कूल आवंटित होंगे। जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं है वहां पहले शिक्षक पूरे किए जाएंगे।
स्कूल आवंटन की प्रक्रिया को शासन से मिले निर्देश और नियमानुसार ही किया जा रहा है। शिक्षकों के आरोप गलत हैं। सभी शिक्षकों को नजदीक वाले ब्लॉकों में स्कूल चाहिए। जिन स्कूलों में जगह है शिक्षकों को वहां भेजा जाएगा।
अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।