डीएवी पीजी और डीएवी इंटर कालेज के मैदान से शुक्रवार को 2818 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। 2561 पोलिंग पार्टिया बूथों पर, बाकी पोलिंग पार्टिया रिजर्व रहेंगी। जिला निर्वाचन अधिकारी आांजनेय कुमार सिंह ने रवानगी स्थल का निरीक्षण किया और कार्मिकों से सीधे बात की।
सुबह सात बजे से डीएवी कालेज के मैदान पर कार्मिकों का पहुंचना शुरू हो गया। सबसे पहले कार्मिकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। बाद में उनको चेकिंग के बाद इवीएम व अन्य चुनाव सामग्री दी गई। 11 बजे से पोलिंग पार्टियाें का बूथों की ओर रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया, जो शाम चार बजे तक जारी रहा।
रवानगी सथल पर कई ऐसे कार्मिक भी मिल,जिनकी डयूटी लगा दी गई। महिलाओं की डयूटी दूरस्थ बूथों पर लगा दी गई। सिकंदराबाद की महिला कार्मिकों को डिबाई और नरोरा भेजा गया। दिव्यांग कर्मचारियों को भी डयूटी पत्र थमा दिया गया, जबकि महिला और दिव्यांग वोटर्स को आयोग ने सहुलियत दी हुई है।
बता दें कि इस बार सीडीओ ने हर एक बूथ महिला कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है। आयोग ने महिलाओं को ड्यूटी पर नरम रुख अपनाया हुआ था। वहींकुछ महिला कार्मिक संज संवरकर लोकतंत्र के महापर्व को मनानी रवानगी स्थल पहुंची।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने स्थल पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। एडीएम वित्त, एडीएम प्रशासन, सचिव केडीए इंदु प्रकाश सिंह, डीडीसी मंजुलता आदि भी समय समय पर भ्रमण करते रहे।
दगाबाज निकली ईवीएम 30 से अधिक खराब
मतदान शुरू होने से पहले तीन ईवीएम दगाबाज निकली। दगाबाज ईवीएम को रिप्लेस कर दिया गया है। 11 फरवरी को ऐसा न हो, इसलिए विधानसभा वार ईवीएम को ठीक करने के लिए इंजीनियर तैनात कर दिए गए हैं।
जिन 30 ईवीएम में त्रुटि सामने आई है, उनको टेस्टिंग के बाद आयोग की ओर से ओ.के. सर्टिफिकेट जारी किया गया था। ओ.के. ईवीएम में गड़बड़ी निकलने पर मशीनरी में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि शुक्रवार को डीएवी कालेज क मैदान से पीठासीन अधिकारियो को ईवीएम दी जा रही थीं।
पीठासीन के देने से पहले ईवीएम की तकनीकी पड़ताल की गई तो 30 ईवीएम में गड़बड़ी निकली। खुर्जा में तीन और शिकारपुुर में पंाच ईवीएम में एरर पाया गया है। गड़बड़ी सामने आने पर ईवीएम को रिप्लेस कर दिया गया। 11 फरवरी को ईवीएम खराब न हो जाए विधानसभा वार एक-एक इंजीनियर की डयूटी लगा दी गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि कार्मिक ईवीएम से छेड़छाड़ न करें। गड़बड़ी होने की स्थिति में कंट्रोल रूम को सूचना दें।
चुनाव ड्यूटी में नहीं गए तो कटेगा वेतन
विधानसभा चुनाव में ड्यूटी नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन कटेगा। ऐसे शिक्षकों को मतदान के बाद चिन्हित कर यह कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि विधानसभा चुनाव में मतदान करवाने के लिए शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार ड्यूटी देने वाले अधिकतर शिक्षक बूथों पर पहुंच गए जबकि कुछ शिक्षक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। ऐसे शिक्षकों का पता बाद में चलेगा।
डीआईओएस वीना यादव और बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना के अनुसार अब तक यह पता नहीं चल पाया कि कितने शिक्षक ड्यूटी में शामिल नहीं हुए हैं। लेकिन डीएम ने आदेश जारी कर दिया है कि ऐसे शिक्षकों का वेतन काटा जाए। डीएम का यह आदेश उन शिक्षकों पर लागू नहीं होगा, बीमारी अथवा किसी कारण मतदान से दूर रहे और उन्होंने पहले ही प्रशासनिक अफसरों से ड्यूटी कटवा ली थी।
मतदान आज, जिले के बॉर्डर पर बढ़ा पहरा
विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को जिले की सात तहसील क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे। शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए 82 कंपनी सीपीएमएफ समेत 13 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि मतदान केंद्रों के भीतर की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बलों के जिम्मे होगी।
शुक्रवार को एसएसपी सोनिया सिंह ने बताया कि मतदान केंद्र के अंदर सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की होगी। जबकि बूथ के बाहर की सुरक्षा व्यवस्था सिविल पुलिस-प्रशासन के जिम्मे होगी। जिले में 82 कंपनी सीपीएमएफ(सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स) तैनात रहेंगी। इसके अलावा 10 हजार से अधिक सिविल पुलिस तैनात रहेगी।
इस दौरान एसपी सिटी और एसपी देहात ने रवाना करने से पहले चुनाव की ड्यूटी के बारे में बताया। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि जिले को 19 जोन और 175 सेक्टरों में बांटा गया है। मतदान केंद्रों की सुरक्षा 82 कंपनी सीपीएमएफ यानी सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स के हवाले रहेगी। छह कंपनी पीएसी भी अलर्ट मोड पर रहेंगी।
इसके अलावा 415 एसआई, 716 हेडकांस्टेबल, दो हजार कांस्टेबल और 1500 होमगार्ड मौजूद रहेंगे। वहीं, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षाबल लगाए जाएंगे।
एसपी सिटी ने बताया कि जनपद की सीमाओं पर चेकिंग के लिए 30 बैरियर बनाए गए हैं। जहां से प्रत्येक वाहन को गुजरना होगा। शुक्रवार शाम से ही जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। किसी भी वाहन को बिना चेकिंग के प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही बाहरी लोगों से पूछताछ की जाएगी। बार्डर पर प्रवेश करने वाले वाहनों की तालशी के साथ उनमें सफर करने वालों से पूछताछ भी की जाएगी।