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अंत्येष्टि स्थल का निर्माण दिखाकर निकाली 24.36 लाख की राशि

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अंत्येष्टि स्थल का निर्माण दिखाकर निकाली 24.36 लाख की राशि
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बुलंदशहर। पहासू क्षेत्र के गांव बदरका सीरवास में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण पूरा दिखाकर 24.36 लाख रुपये की राशि ग्राम पंचायत के खाते से निकाल ली गई। डीपीआरओ के निरीक्षण में अंत्येष्टि स्थल अधूरा मिला। अब मामले में डीपीआरओ ने ग्राम सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला पंचायती राज अधिकारी प्रीतम सिंह ने बताया पहासू क्षेत्र के गांव बदरखा सीरवास में वर्ष 2019-20 में अंत्येष्टि स्थल बनाने के लिए 24.36 लाख रुपये राशि जारी की गई थी। निरीक्षण में पाया गया कि अभी तक यहां पर लकड़ियों का गोदाम नहीं बनाया गया है। बिजली की फिटिंग भी नहीं की गई है। सबमर्सिबल पंप भी नहीं लगाया है। साथ ही स्थल का निर्माण भी मानक के अनुरूप नहीं हुआ है। शौचालय को कुछ दूरी पर बनाया गया है, जबकि इसके निर्माण के लिए जारी की गई पूरी राशि निकाल ली गई और निर्माण पूरा दिखाया गया है। इस लापरवाही पर ग्राम सचिव सोहनवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, दूसरी ओर ग्राम प्रधान को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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सफाई कर्मचारी को भी किया निलंबित
डीपीआरओ प्रीतम सिंह ने बताया कि गांव बदरखा सीरवास के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने सफाई कर्मचारी द्वारा कार्य न करने की भी शिकायत की। मौके पर जांच की गई तो काफी दिनों से गांव में सफाई कार्य ठप पड़ा मिला। इस लापरवाही पर सफाई कर्मचारी राजीव कुमार को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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पंचायत भवन के निर्माण में गड़बड़ी, सचिव पर एफआईआर के निर्देश
बुलंदशहर। जिला पंचायत राज अधिकारी प्रीतम चौधरी ने बताया कि पहासू ब्लाक के गांव अजीजाबाद के ग्रामीणों ने पंचायत भवन के निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। मौके पर जाकर जांच की गई तो पंचायत भवन का निर्माण अधूरा पाया गया। भवन निर्माण के लिए 2019-20 में 17.46 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। इसमें से 10.21 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए। भवन का निर्माण भी मानक विहीन पाया गया है। मौके पर निर्माण में मात्र तीन लाख रुपये की लागत का आंकलन किया गया है। ऐसे में करीब सात लाख रुपये गड़बड़ी उजागर हुआ है। इस पूरे मामले का खुलासा होने पर क्षेत्र के एडीओ को ग्राम सचिव जितेद्र कुमार के खिलाफ एफआरआई दर्ज करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही ग्राम प्रधान को निलंबित करने की संस्तुति कर दी है। तत्कालीन ग्राम प्रधान और और जेई को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी।
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