संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। नरसेना थाना क्षेत्र में जनवरी 2015 में हुए हमले के तीन आरोपियों को विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट विजय पाल ने दोषी माना है। न्यायालय ने दोषियों को चार-चार साल कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
विशेष लोक अभियोजक विपुल कुमार राघव व रश्मि सोलंकी ने बताया कि थाना नरसेना पर 29 जनवरी 2015 को वादी पंकज कुमार ने मारपीट व एससी-एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि 29 जनवरी की शाम को नीरज फौजी की घुड़चढ़ी हो रही थी। उसका भाई दीपक भी घुड़चढ़ी देखने के साथ ही डीजे पर नाच रहा था। तभी विक्की ने दीपक से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मारपीट कर दी। दीपक ने घर पहुंच घटना के बारे में जानकारी दी। परिवार के लोग दीपक को साथ लेकर विक्की के परिवार से शिकायत करने पहुंचे, जिस पर विक्की व अखिलेश और निक्की ने उनके साथ भी मारपीट कर दी। उसकी मां और चाचा पर बलकटी से हमला कर दिया। पुलिस ने विक्की उर्फ विवेक, निक्की उर्फ जितेंद्र व अखिलेश के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट के न्यायाधीश विजय पाल ने मामले की सुनवाई के दौरान विक्की, जितेंद्र व निक्की को मारपीट व एससी-एसटी एक्ट का दोषी मानकर सजा सुनाई है।