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Bulandshahar News: जिले में चार नई डॉल्फिन दिखीं, संख्या हुई 22

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गंगा नदी में अठखेलियां करती डॉल्फ़िन।
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बुलंदशहर। गंगा नदी में लगातार डॉल्फिन की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार हुई गणना में जिले की सीमा में चार नई डॉल्फिन देखी गई, जिनकी संख्या अब बढ़कर 22 हो गई है। जबकि पिछले साल इनकी संख्या 18 थी। वहीं, बिजनौर से लेकर नरौरा बैराज तक की गई गणना में 52 डॉल्फिन देखी गईं। इनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं।
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डीएफओ विनीता सिंह ने बताया कि हर साल गंगा नदी में डॉल्फिन की गणना की जाती है। इस कार्य को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम की मदद से अंजाम दिया जाता है। इस बार पांच अक्तूबर से 12 अक्तूबर तक बिजनौर से नरौरा बैराज तक डॉल्फिन की गणना की गई। गणना डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोऑर्डिनेटर संजीव यादव के नेतृत्व में हुई। इस दौरान इस क्षेत्र में 52 डॉल्फिन मिलीं। इनमें से जिले की सीमा में 22 डॉल्फिन देखी गई। जबकि पिछले साल इनकी संख्या 18 थी। इस तरह से इस बार चार नई डॉल्फिन इस क्षेत्र में पाई गई हैं, जो एक अच्छा संकेत हैं। इससे माना जा रहा है कि जिले की सीमा से होकर गुजर रही गंगा नदी डॉल्फिन सबसे ज्यादा सुरक्षित और रास आ रही है। बिजनौर से लेकर नरौरा बैराज तक वाले गंगा क्षेत्र को रामसर साइड के नाम से जाना जाता है। यह क्षेत्र गंगा के जलीय जीवों के लिए काफी सुरक्षित है।
डीएफओ के अनुसार कि बिजनौर से बुलंदशहर के बीच गंगा का यह क्षेत्र जलीय जैव विविधता से परिपूर्ण है। इसमें डॉल्फिन के अतिरिक्त अन्य संकटग्रस्त प्रजातियां जैसे घड़ियाल और कछुए भी रहते हैं। जो गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने में सहायक हैं। डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है। इसके संरक्षण के लिए मेरी गंगा मेरी सूस नाम से अभियान चलाया जा रहा है। जल्द डॉल्फिन पर नजर रखने के लिए मोटर वोट खरीदी जाएगी।
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