16 ब्लॉकों में विधवा पेंशन के लिए कराए गए डोर टू डोर सत्यापन रिपोर्ट में भारी अनियमितताएं सामने आई।
आलम यह है कि सत्यापन के दौरान 400 विधवा पेंशनर्स का कोई पता ही नहीं हैं। इतनी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा सामने आने पर प्रोबेशन विभाग में हड़कंप मच गया है।
बता दें कि जिले में पिछले साल करीब 23 हजार विधवाओं को पेंशन योजना का लाभ दिया गया था। इस साल लाभार्थियों की हकीकत जानने के लिए जब विभाग ने 16 ब्लॉकों में डोर टू डोर सत्यापन कराया तो अनियमितताओं की भरमार हो गई।
कई विधवाओं का कोई अता पता ही नहीं हैं। आलम यह है कि पास पड़ोस के लोग ऐसी किसी विधवा को जानते तक नहीं हैं।
ब्लॉकों से सत्यापन रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी गई तो अफसर व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। मृतक और आवेदन पत्र में लिखे पते पर नहीं मिलने वाली महिलाओं की विधवा पेंशन रोक दी गई है।
ऐसे करीब 400 नामों पर कैंची चलाई गई है। शासन को भी सच्चाई से अवगत करा दिया गया है। प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी विनोद कुमर सिंह ने बताया कि इस बार 400 पेंशनर्स के नाम काटे गए हैं।
बढ़े 1500 नाम
सत्यापन में करीब 1500 विधवा पेंशनर्स का नाम जोड़ा गया है। डोर टू डोर सर्वे में बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, शिकारपुर, स्याना, डिबाई, बीबीनगर, गुलावठी, अरनिया, पहासू, दानपुर, जहांगीराबाद, अगौता, ऊचागांव में विधवा पेंशनर्स में भी यह संख्या बढ़ी है। इस साल 24 हजार से अधिक महिलाओं को विधवा पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।