कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। अब रजिस्टर्ड डॉक्टर की सलाह के बिना अल्ट्रासाउंड करने पर संचालक के खिलाफ एफआईआर की जाएगी।
इसे सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी हर हाल में माह में दो बार प्रत्येक अल्ट्रासाउंड सेंटरों के निरीक्षण करेंगे। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर निगरानी बढ़ाने के साथ अब शिकंजा कसना भी शुरू हो गया है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के निर्देश के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के अल्ट्रासाउंड पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ की तरफ से सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि किसी भी गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं किया जाए।
रजिस्टर्ड चिकित्सक द्वारा परामर्श के बाद ही गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया जाए। यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी अल्ट्रासाउंड बिना डॉक्टरी परामर्श के पकड़ा गया तो तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
लिंग जांच का केंद्र बना बुलंदशहर
जनपद के अल्ट्रासाउंड सेंटर लिंग जांच का बड़ा केंद्र बन गए हैं। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर बड़े स्तर पर लिंग जांच कराई जा रही है। बाहरी राज्यों और शहरों के तार जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटरों से जुड़े होने की पुष्टि हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा आदि शहरों से रैकेट चल रहा है, जो जनपद के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लिंग जांच कराता है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे करीब एक दर्जन से ज्यादा अल्ट्रासाउंड सेंटर चिह्नित किए हैं, जहां यह गोरखधंधा चल रहा है।
सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड न किया जाए। यदि कोई करता हुआ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ