जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को बुगरासी में मासूम भाई-बहन सहित तीन की बुखार से मौत हो गई। बुगरासी में पिछले कई दिनों से बीमार चल रही आठ माह की वैष्णवी ने बुखार से दम तोड़ दिया, वहीं उसके चचेरे भाई पुनीत (पांच वर्ष) की भी बुखार से दो दिन पहले मौत हो गई थी।
एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से कोहराम मच गया है। तीन मौतों के बाद जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 60 पहुंच गया है। जनपद में बुखार के कहर के चलते लगभग हर घर में मरीजों की खाट पड़ी हुई है। बुगरासी के गांव बुकलाना निवासी नीलपथ सिंह को पिछले 10-12 दिन से तेज बुखार था।
पहले उनका उपचार बुगरासी चला, बाद में बुलंदशहर ले गए। यहां हालत बिगड़ने पर उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ में उपचार के दौरान सोमवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके अलावा बुगरासी कस्बा निवासी सोहनपाल की आठ माह की बेटी वैष्णवी को भी पिछले कई दिनों से बुखार था।
उसका बुलंदशहर के एक चिकित्सक से उपचार चल रहा था। मंगलवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और मौत हो गई। वैष्णवी के परिवार में ही पुनीत (पांच) पुत्र पप्पू की भी बुखार से दो दिन पहले मौत हो गई थी। एक ही परिवार में बुखार से दो बच्चों की मौत से कोहराम मच गया है।
बुखार के कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुखार में उपयोगी दवा पैरासिटामोल की भी कमी हो गई है। बताया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर संचालक इस दवा को ब्लैक में बेच रहे हैं। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि बुखार से हुई मौतों की उन्हें जानकारी नहीं है। गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
हाजीपुर भटौला में बुखार से बच्चे की मौत
हाजीपुर भटौला गांव में बुखार से जुवेर (11) पुत्र भूरा की मौत हो गई। पिछले 20 दिन में गांव में बुखार से पांचवीं मौत है। वहीं, कई घरों में लोग बुखार की चपेट में हैं। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। वहीं, अनूपशहर में मोहल्ला पोखर निवासी तलवार इंटर कालेज में शिक्षक भागीरथ सिंह के चिकित्सक पुत्र अंकित (30 साल) की उल्टी दस्त और इंफेक्शन से गाजियाबाद में उपचार के दौरान मौत गई।