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145 मौतों के बाद जागे अफसर

Tue, 11 Oct 2016 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
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मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीज। - फोटो : ब्यूरो
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बुखार से हुई 145 मौतों के बाद आखिरकार स्वास्थ्य अफसर कुछ हरकत में आए हैं। छुट्टी के दिन भी जिला अस्पताल समेत सभी अस्पतालों की ओपीडी तय समय तक खोली गईं। इसके अलावा सभी 73 स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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जनपद में बुखार से अब तक 145 मौत हो चुकी हैं। हालांकि, इन मौतों को स्वास्थ्य विभाग के अफसर नकारते हैं। इन मौतों का कारण कुछ और बताया जाता है, लेकिन निजी अस्पतालों की रिपोर्ट मौत का कारण बुखार बताती हैं। बुखार से हुई मौतों से थर्राए अफसरों ने छुट्टी के दिन ओपीडी खुलवा दीं।

तय समय तक ओपीडी खुली रही। जिला अस्पताल के अलावा सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी को खोला गया। इसके अलावा सीएमओ ने सभी 73 स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को अलर्ट जारी किया। किसी भी चिकित्सक को ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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डीआईजी की मां को डेंगू की पुष्टि
जिले में डेंगू के पहले केस की पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विभाग अमूमन निजी लैबों की रिपोर्ट को खारिज कर देता है, लेकिन इस बार जांच रिपोर्ट सीआरपीएफ अस्पताल की है। इसके चलते रिपोर्ट को खारिज करना आसान नहीं है। असम में सीआरपीएफ में डीआईजी के पद पर तैनात एनके भारद्वाज की मां लीलावती नगर के चांदपुर रोड पर रहती हैं।

कुछ दिन पहले उन्हें बुखार आने के बाद उन्हें दिल्ली ले जाया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। उनका उपचार नगर के समता आयुर्वेदिक सेंटर पर चल रहा है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. हितेश कौशिक का कहना है कि लीलावती की जांच रिपोर्ट सीआरपीएफ अस्पताल की हैं, जिसमें उन्हें डेंगू दर्शाया गया है। अब उनकी हालत में काफी सुधार है।

शासन के आदेश के अनुपालन में सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी तय समय तक खुली रहीं। सभी स्वास्थ्य प्रभारियों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि, मौसम के बदलने से मरीजों की संख्या में काफी हद तक कमी आई है। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
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