त्योहारों से दो सप्ताह पूर्व जनपद में जाम से निबटने का दावा करने वाली पुलिस बेबस नजर आई। धनतेरस हो, दिवाली या फिर भैया दूज पुलिस का ट्रैफिक प्लान तीनों दिन ध्वस्त नजर आया।
शुक्रवार को भैयादूज के दिन जनपद की सड़कों पर दिन भर लोग जाम से जूझे। जाम को खुलवाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, रोडवेज द्वारा ज्यादा बसें चलाने के बावजूद बहनों को सफर करने में परेशानी हुई।
भैयादूज पर बहनें भाई के घर पहुंचने के लिए सुबह से ही घरों से निकल पड़ी थीं। अधिकतर बहनें अपने वाहन जैसे बाइक, स्कूटर, स्कूटी और कार से निकलीं तो कुछ ने बसों और अन्य वाहनों का सहारा लिया।
सड़कों पर वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि जाम की स्थिति बनने लगी। इसी तरह हाईवे पर भी वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण वाहनों की गति पर ब्रेक लग गया।
नगर क्षेत्र में बदायूं बाईपास पर एक ट्रक खराब हो गया, जिसके चलते जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस को जाम खुलवाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
इसी तरह अनूपशहर बस अड्डा, भूड़ रोड और काली नदी रोड पर जाम की स्थिति रही। इसके अलावा सिकंदराबाद में भी बहनों को जाम से दो-चार होना पड़ा।
वहीं, शुक्रवार को पॉटरी नगरी में सुबह से ही जाम के हालात रहे। जाम के चलते कबाड़ी बाजार, जेवर अड्डा चौराहे पर पूरे दिन वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
इसके अलावा नो पार्किग में बडे़ वाहन जाना जाम का मुख्य सबब है। सीओ ने अभियान चलाकर जाम हटाने की बात कही है। गुलावठी में भी लोग जाम के झाम से जूझते नजर आए।
रोडवेज की व्यवस्था चरमराई
भैयादूज पर रोडवेज निगम की सारी व्यवस्था चरमरा गई और बहनों को भाई के घर तक पहुंचने के लिए वाहनों का इंतजार करते देखा गया। भीड़ अधिक होने के कारण बहनों को बसों में जगह नहीं मिल पाई।
रोडवेज डिपो की 100 बसें लगातार संचालित रही मगर भीड़ ज्यादा होने के कारण व्यवस्था चरमरा गई। बसों में यात्रियों को खिड़की पर लटके और छत पर जोखिम भरी यात्रा करते देखा गया। ऐसे में डग्गामार वाहनों की खूब चांदी हुई।
इसी तरह खुर्जा, डिबाई, पहासू, आहार, जहांगीराबाद, स्याना, गुलावठी, बीबीनगर, सिकंदराबाद, नरौरा, बुगरासी, अनूपशहर, शिकारपुर और औरंगाबाद क्षेत्र की सड़कों पर भी डग्गामार वाहन सड़कों पर खूब दौड़े और मनमानी किराया वसूलते हुए नजर आए।
एआरएम एसपी सिंह का कहना है कि सौ बसें चलाई गई थीं। व्यवस्था काफी ठीक रही, लेकिन भीड़ अधिक होने के चलते थोड़ी दिक्कत रही।