किसानों को अब खुद करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण
बुलंदशहर। जनपद में इस बार विभिन्न ब्लॉक में खोले जाने वाले क्रय केंद्रों पर सरकारी दर पर धान की बिक्री के लिए किसानों को स्वयं ही ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के समय किसान धान बेचने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार दिन भी निर्धारित कर सकते हैं। क्रय केंद्र पर उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा, जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण के बाद प्राप्त प्रिंटआउट एमएमआई या क्रय केंद्र प्रभारी को दिया होगा।
इस बार सरकारी दर पर धान खरीद शुरू होने से पहले शासन की ओर से जारी एक आदेश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि जनपद के अलग-अलग ब्लॉकों में खुलने वाले सभी एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर सिर्फ उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा, जिन्होंने इसके लिए पहले से स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण किया होगा। ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए किसानों को ऑनलाइन खतौनी की नकल, बैंक पास बुक, बैंक का आईएफसी कोड, आधार र्काउ और पासपोर्ट फोटो लेकर जनसुविधा केंद्र या फिर किसी भी साइबर कैफे पर जाना होगा। जनसुविधा केंद्र या साइबर कैफे पर विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण कराने के बाद किसान को पंजीयन नंबर और उसका प्रिंट आउट एसएमआई या उस केंद्र के प्रभारी को देना होगा, जहां अपना धान बेचना हो। हालांकि इस व्यवस्था में किसानों को इतनी सहूलियत जरूर दी गई है कि वह अपनी सुविधा के हिसाब से धान बेचने की तिथि तय कर सकते हैं।
किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए सरकार की ओर से यह व्यवस्था की गई है। ऑनलाइन पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। जो किसान पंजीकरण नहीं कराएंगे, सरकारी दर पर उनका धान नहीं खरीदा जाएगा। - जेया-ए-करीम, खाद्य एवं विपणन अधिकारी