धान की रोपाई के लिए किसानों को इस वर्ष भी बिजली संकट से जूझना होगा। किसानों को धान के सीजन के बाद ही बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। पहले मार्च से बेहतर बिजली आपूर्ति के दावे कर रहे अफसर अब अक्तूबर माह से शहर और गांवों को बेहतर बिजली आपूर्ति का दावा कर रहे हैं।
प्रदेश की अखिलेश सरकार ने मार्च 2016 से गांवों को 14 और शहरों को 18 से 22 घंटे तक बिजली आपूर्ति का दावा किया था। प्रदेश सरकार की योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए ऊर्जा सचिव ने बिजली चोरी कम करने को लेकर अभियान चलाया था। 10 फीसदी से कम बिजली चोरी वाले क्षेत्रों को ज्यादा आपूर्ति के निर्देश दिए गए थे।
जनपद में स्याना, सिकंदराबाद, डिबाई और जहांगीराबाद टाउन की बिजली 20 घंटे कर दी गई, लेकिन गर्मी तेज होते ही ऊर्जा सचिव के यह दावे भी हवा-हवाई हो गए। अब वीडियो कांफ्रेंसिंग में ऊर्जा सचिव संजय अग्रवाल ने कहा है कि गांवों को 18 और शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति अक्तूबर माह से की जाएगी।
ऊर्जा सचिव के निर्देश के बाद स्पष्ट हो गया है कि किसानों को इस बार भी धान के सीजन में डीजल इंजन से रोपाई करनी होगी। किसानों को इस बार भी धान के सीजन में बिजली संकट झेलना होगा।
अक्तूबर से जिलेभर में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ऊर्जा सचिव के निर्देश हैं कि अक्तूबर माह से गांवों को 18 और शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। - राकेश कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता