भैंसा-बुग्गी में सवार होकर कलक्ट्रेट जाते भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के पदाधिकारी व किसान।
बुलंदशहर। किसानों ने कर्जमाफी व गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल समेत अन्य मांगों के समर्थन में सोमवार को भैंसा-बुग्गी रैली निकाली और प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में पहुंचे किसानों ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन भेजा। इसमें भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के कार्यकर्ता और किसान शामिल रहे।
भैंसा-बुग्गी रैली शिकारपुर बाईपास स्थित भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय कार्यालय से शुरू हुई। जो डीएवी फ्लाईओवर और लल्लाबाबू चौराहे से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। इसमें शामिल किसान और यूनियन के कार्यकर्ता भैंसा-बुग्गी पर सवार रहे और नारेबाजी कर सरकार से अपना हक मांगा। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि इस समय किसानों की हालत अच्छी नहीं है। किसान को उसकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। लगातार बढ़ रही महंगाई के चलते खेती करना महंगा हो गया है।
सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहीं जा रही है लेकिन सच्चाई यह है कि किसान लगातार कर्ज के नीचे दबता जा रहा है। हमारी मांग है कि सरकार पहले तो किसानों का कर्ज माफ करे, ताकि वह कर्जमुक्त हो सके। साथ ही उसकी फसलों का उचित दाम दिया जाए। उन्होंने गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, मक्का, बाजरा व जौ का समर्थन मूल्य 3500 रुपये और गेहूं का समर्थन मूल्य 3000 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
धर्मेंद्र सिंह ने काली नदी की सफाई कराने और उसके दोनों ओर पटरी बनवाने के साथ पानी बढ़ने पर नष्ट हुई फसल का किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि हर बार काली नदी के आसपास की खेती पानी बढ़ने पर खराब हो जाती है। ऐसे में किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। नदी की सफाई हो जाए और दोनों ओर पटरी बन जाए तो किसान होने वाले नुकसान से बच जाएंगे।
उन्होंने डीएम को शिकायत देकर ऊर्जा निगम में किसानों व गरीबों से अवैध उगाही करने का आरोप लगाकर उसे रोकने की मांग की। साथ ही फर्जी लाइन बनवाने के मामले में जांच कराने की मांग को उठाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही किसानों की मांग पूरी नहीं होती है तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान विष्णु दत्त त्यागी, सुनील लोधी, ललित तोमर, संजीव शर्मा, हरस्व शर्मा, धीरेंद्र जादौन और योगेश भाटी आदि शामिल रहे।