जहांगीराबाद। नई मंडी स्थित किसान सेवा केंद्र पर सोमवार को डीएपी वितरण के दौरान अव्यवस्था और टोकन वितरण को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र खुलने से पहले ही एक व्यक्ति ने अपने स्तर पर टोकन बांट दिए। इससे कुछ लोगों को प्राथमिकता के आधार पर खाद मिल गई, जबकि कई किसान घंटों धूप में कतार में खड़े रहे।
किसानों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे एक व्यक्ति किसान सेवा केंद्र पहुंचा और टोकन बांटने लगा। इस पर किसानों ने आपत्ति जताते हुए केंद्र प्रभारी प्रणव कुमार से जानकारी ली। प्रभारी ने स्पष्ट किया कि केंद्र की ओर से किसी भी प्रकार के टोकन जारी नहीं किए गए हैं। किसानों का आरोप है कि टोकन बांटने वाले व्यक्ति ने अपने परिचितों को पहले से कतार में लगाकर शुरुआती नंबर दिला दिए। इससे उन्हें पहले डीएपी मिल गई। वहीं सुबह से लाइन में लगे कई किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
किसानों ने कहा कि खरीफ सीजन में डीएपी की मांग अधिक है। ऐसे समय यदि वितरण व्यवस्था पारदर्शी नहीं होगी तो छोटे और जरूरतमंद किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा खाद वितरण के लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। केंद्र प्रभारी प्रणव कुमार ने बताया कि किसान सेवा केंद्र की ओर से किसी भी किसान को टोकन जारी नहीं किए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति ने अपने स्तर से टोकन बांटे हैं तो उसकी जानकारी नहीं है। केंद्र पर खाद का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया है।