जिले के चार लाख किसानों को कीटनाशक निर्माता कंपनिया चूना लगा रही हैं। जांच में कीटनाशक के 16 सैंपल फेल हो गए हैं। यही कारण है कि फसलों पर कीटनाशकों का उस अनुपात में प्रभाव नहीं पड़ रहा है जो होना चाहिए।
कृषि सुरक्षा विभाग ने बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर, स्याना, ऊचागांव, अगौता, अरनिया, पहासू, लखावटी, औरंगाबाद, बीबीनगर और गुलावठी से कीटनाशकों के 210 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए थे। 2-4डी, एट्राजिन जैसे प्रमुख कीटनाशकों की जांच भी प्रयोगशाला में कराई गई थी।
बता दें कि 210 में से 16 कीटनाशक मानक पर खरे नहीं उतरे। जो कीटनाशक मानक के पैमाने पर फेल पाए गए हैं। उनका फसलों में कीट नियंत्रण के लिए बहुयातायत से प्रयोग किया जाता है। कीटनाशकों की रिपोर्ट फेल होने पर जिन किसानों ने इन दवाइयों का प्रयोग कीट नियंत्रण के लिए फसलों में किया था वह खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।