राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिगृहित की गई कृषि भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से खफा किसानों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में हल्ला बोल दिया। किसानों ने भाकियू (क्रांति संगठन) के बैनर तले जिला प्रशासन पर विरोध दर्ज कराया। किसानों ने कहा कि सरकारी मशीनरी में भ्रष्टाचार का घुन लग चुका है। इसलिए भाकियू कार्यकर्ता भ्रष्ट अफसरों को अब जेल भिजवाएगी।
किसानों का कहना है कि सिकंदराबाद देहात क्षेत्र में एनएच-91 चौड़ीकरण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था। किसानों की आपत्ति सुने बगैर मुआवजा निर्धारित कर दिया गया। किसानों ने न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय ने 23 जनवरी को 4566 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा तय किया।
यह सभी किसानों पर समान रूप दिया जाना था। इस राशि में नौ प्रतिशत की ब्याज दर भी शामिल की जानी थी। आदेश जारी होने के बाद भी किसानों को कोई भुगतान नहीं किया गया। किसानों ने एक माह के भीतर मुआवजा भुगतान करने की मांग की है।
संगठन के जिला अध्यक्ष वीरपाल सिंह तेवतिया ने कहा यदि किसानोें को उनका हक नहीं दिया गया तो भ्रष्ट अफसरों को जेल में डाला जाएगा। इस दौरान कलक्ट्रेट में काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। किसानों के लौटने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। इस दौरान रनवीर सिंह, सुनील, रामपाल, अनिल, सतबीर, रामपाल आदि मौजूद रहे।