लोनी। 30 मई से लापता हुए ओमकार के परिजनों को उम्मीद थी की काश ओमकार ठीक हों और घर आ जाएं। पत्नी विमला, बेटा और बेटी उनकी सलामती की दुआ मांग रहे थे। किसी को हत्या की बात पर भरोसा नहीं था, लेकिन यह उम्मीद उनकी रविवार सुबह एक झटके में टूटकर बिखर गई। जब उन्हें यह पता चला कि मथुरा में ओमकार का पानी में डूबा शव मिला है। शव की शिनाख्त के लिए जो परिवार मथुरा पहुंचा वह ओमकार की अस्थियां लेकर वापस लौटा। पूरे परिवार और गांव में मातम छाया हुआ है।
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि शनिवार रात मथुरा जिले की मोर्चरी से नग्न शव मिलने का पता चला था। मथुरा के मांट थाना पुलिस ने शनिवार रात इसकी पुष्टि की। शव की जानकारी ओमकार से मेल खा रही थी। रविवार सुबह पुलिस ने परिजनों को बताया और उन्हें लेकर मथुरा पहुंची। परिजनों ने शव की फोटो, कद-काठी और पैर में लगी चोट के निशान से ओमकार के तौर पर शिनाख्त की। इसके बाद परिवार वालों को मथुरा पुलिस ने ओमकार की अस्थियां सौंपी और लोनी पुलिस पीड़ित परिवार को वापस लेकर आई। वहीं परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर 20 मई की शिकायत पर कार्रवाई होती तो शायद यह अनहोनी न होती। कहा कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी उन्हें व परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी निशाना बना सकते हैं। परिजन सोमवार को गंगा में अस्थियों का विसर्जन करेंगे। ओमकार के परिवार में अब उनकी पत्नी और बेटा और बेटी हैं। बेटी की शादी हो चुकी है। ओमकार के भाई व अन्य परिजनों ने परिवार का ध्यान रखने की बात कही है। हत्याकांड के आरोपी मोहित से पूछताछ में पता चला था कि आरोपियों ने ओमकार के कपड़े उतारकर शव को नहर में फेंका था इसके बाद ही पुलिस ने दूसरे जिलों की मोर्चरी में पूछताछ शुरू की थी। 14 दिन से 90 पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ के जवान और गोताखोर ओमकार की तलाश में जुटे थे। वहीं मथुरा पुलिस ने ओमकार की मां का डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
ओमकार का फाइल फोटो