बुलंदशहर। जिला अस्पताल में सीएफओ के निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्र एक्सपायर मिले हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए शासन और सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने कहा है कि अग्निशमन यंत्र एक्सपायर होने के साथ कई स्थानों पर बिजली के नंगे तार मिले, जिनसे कभी भी शॉर्ट सर्किट से घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने यह भी माना है कि सुधार नहीं हुआ तो लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीआई) जैसा हादसा जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में भी हो सकता है।
लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीआई) में सोमवार को इंडोक्राइन सर्जरी के ऑपरेशन थियेटर में लगे मॉनिटर में स्पार्किंग होने से लगी आग से उठे धुएं से एक महिला व एक माह के बच्चे की जान चली गई। इस घटना को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान में लेकर प्रदेशभर के अस्पतालों का निरीक्षण करने के मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देश दिए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा ने मंगलवार को जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल का निरीक्षण कर आग से बचाव के संसाधन देखने के साथ बिजली वायर फिटिंग की जांच की। सबसे पहले जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कोई भी यंत्र क्रियाशील नहीं मिला। साथ ही अस्पताल के लिए एनओसी भी नहीं ली गई। इसके बाद जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर, इमरजेंसी रूम, प्राइवेट वार्ड, ओपीडी, नेत्र विभाग समेत अन्य स्थानों की जांच की। जांच में सभी जगह काफी खामियां मिलीं। कई स्थानों पर बिजली के तार के जोड़ खुले हुए मिले। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायर मिले। इसकी रिपोर्ट बनाकर उन्होंने शासन को भेज दी है।
शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। दोनों अस्पतालों में काफी खामियां मिली हैं। जिला अस्पताल में अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर है तो महिला अस्पताल में अग्निशमन यंत्र क्रियाशील नहीं है। साथ ही बिजली के तार खुले हैं। इनसे कभी भी शॉर्ट सर्किट के कारण हादसा हो सकता है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। - प्रमोद शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी