बुलंदशहर। जिला अस्पताल में इन दिनों मोतियाबिंद के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 30 से अधिक लोगों में मोतियाबिंद बीमारी के लक्षण मिलने पर जांच कराई जा रही है। जांच कराने पर संबंधित को अन्य बीमारी न होने पर ऑपरेशन कराने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में प्रतिदिन पांच से आठ मरीजों के प्रतिदिन अस्पताल में निशुल्क ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 300 मरीज आंखों की समस्या लेकर जांच कराने आते हैं। इनमें 30 से 50 लोगों की आंख में मोतियाबिंद बीमारी के लक्षण मिल रहे हैं। नेत्र सर्जन डॉ. तेज सिंह ने बताया कि अधिक दवा का सेवन करने, लंबे समय तक धूप में रहने, आंख में चोट लगने या पिछली आंख की सर्जरी होने आदि से मोतियाबिंद की बीमारी हो जाती है। ऐसे में बिना चिकित्सक परामर्श के दवा का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। आंखों में कोई भी बीमारी हो उसके लिए परामर्श लेने के बाद ही ड्रॉप डालें। लंबे समय तक धूप में रहते हैं तो चश्में का प्रयोग करें। इसके अलावा मोबाइल, टीवी व अधिक रोशनी वाली वस्तु न देंखे, धूल-धुंए से भी बचें। इन दिनों प्रतिदिन 30 से अधिक मरीज मोतियाबिंद लक्षण वाले आ रहे हैं। इनकी जांच करने के बाद ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है। प्रतिदिन अस्पताल में पांच से आठ मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन भी किया जा रहा है।
कोट
अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन को माइक्रोस्कोप मशीन उपलब्ध हैं। प्रतिदिन मरीजों का माइक्रोस्कोप मशीन की सहायता से ऑपरेशन कराया जा रहा है। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल