खुर्जा। उत्सव फार्म हाउस में चल रही कॉकटेल पार्टी में बुधवार रात आबकारी विभाग की टीम ने छापा मारा। टीम ने यहां से हरियाणा मार्क की आठ स्कॉच की बोतलें बरामद कीं। मौके से पार्टी आयोजक कपिल मित्तल और फॉर्म हाऊस के प्रबंधक सिद्धार्थ सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
खुर्जा के आबकारी निरीक्षक विचित्र कुमार ने बताया कि बुधवार रात वह, सह निरीक्षक शालिनी, विजय कुमार पांडेय और अभिषेक कुमार वाहनों में शराब की चेकिंग कर रहे थे। तभी सूचना मिली कि खुर्जा के सिटी स्टेशन रोड स्थित उत्सव फार्म हाऊस में अवैध रूप से हरियाणा की शराब पिलाई जा रही है।
इसके बाद खुर्जा कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर जांच की गई। फार्म हाऊस में कॉकटेल पार्टी चल रही थी, जिसमें करीब 200 से अधिक लोग मौजूद थे। पार्टी में हरियाणा मार्क की ब्लेंडेड स्कॉच की तीन बंद बोतलें, दो खुली बोतलें और तीन खाली बोतलें मिलीं। शराब पिला रहे दो कर्मचारियों ने माफी मांगी। पार्टी आयोजक कपिल मित्तल और उत्सव फॉर्म हाऊस के प्रबंधक सिद्धार्थ सिंह से पूछताछ की गई। पार्टी के लिए एक दिन का लाइसेंस वैध मिला लेकिन दूसरे प्रदेश की शराब लाने और अन्य लोगों को पिलाने का दोनों के पास कोई जवाब नहीं था।
सीओ खुर्जा विकास प्रताप सिंह ने बताया कि अवैध रूप से दूसरे प्रदेश की शराब पिलाने के मामले में आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर कपिल मित्तल और सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ उत्पाद शुल्क आबकारी अधिनियम 63 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
आबकारी विभाग की टीम ने खुर्जा के उत्सव फार्म हाउस में छापा मारा, जहां पर दूसरे प्रदेश की शराब पिलाई जा रही थी। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा अन्य आयोजनों और शराब पार्टियों पर नजर रखी जा रही है। - राजेंद्र कुमार, जिला आबकारी अधिकारी
बढ़ रहा कॉकटेल पार्टी का चलन
खुर्जा में इन दिनों शादी से पहले कॉकटेल पार्टी का ट्रेंड काफी चल रहा है। बड़े-बड़े उद्योगपति व राजनीतिक पार्टी के नेता शराब पार्टी का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें सभी तरह की शराब उपलब्ध रहती है। खुर्जा में लगातार हो रही शराब पार्टी को लेकर आबकारी विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में बुधवार रात टीम उत्सव फाॅर्म हाऊस में पहुंची थी।
कॉकटेल पार्टी के लिए जरूरी है लाइसेंस
जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि किसी भी तरह की कॉकटेल पार्टी के लिए कुछ मानक हैं। इसमें विभाग के ऑनलाइन वेबसाइट पर आयोजक को एक दिन के लाइसेंस के लिए आवेदन करना होता है। यह लाइसेंस केवल एक या दो दिन के लिए होता है। इसमें केवल उत्तर प्रदेश में बिकने वाली शराब का ही इस्तेमाल किया जा रहा सकता है। लाइसेंस से पूर्व लोगोंं की संख्या, पार्टी की जगह, शराब की मात्रा व अन्य बिंदुओं की जानकारी देना आवश्यक होता है। दूसरे प्रदेश की शराब लेकर आना या पिलाना, तस्करी के रूप में माना जाता है।