बुलंदशहर/अनूपशहर। कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर अनूपशहर में गंगा घाटों पर भारी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था के लिए जनपद पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। इसके तहत अनूपशहर में एक से 10 नवंबर तक भारी वाहनों और तीन से पांच नवंबर की रात तक सभी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। वहीं, गढ़ में लगने वाले मेले के कारण दिल्ली-बुलंदशहर और नरौरा-बदायूं मार्ग पर वाहनों का बोझ बढ़ जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष ब्रजेश गोयल और अनूपशहर थाना प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि रूट डायवर्जन का प्रस्ताव बनाकर एसपी सिटी को भेजा गया है। अनूपशहर से होकर हरियाणा, दिल्ली, पंजाब व अलीगढ़ आदि से हजारों वाहन गुजरते हैं। रास्ता छोटा होने और ब्रजघाट के जाम से बचने के लिए लखनऊ, संभल, बदायूं को जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से निकलते हैं। ऐसे में बदायूं-संभल की ओर आने वाले वाहनों को गुन्नौर क्षेत्र के गांव केसरपुर तिराहे से मोड़कर गुन्नौर के रास्ते नरौरा से जनपद में प्रवेश दिया जाएगा।
जिले से संभल-मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन भी इसी रास्ते से गुजरेंगे। बुलंदशहर से अनूपशहर आने वाले वाहनों को शिकारपुर, डिबाई व नरौरा से निकाला जाएगा। जबकि अलीगढ़ की ओर से आने वाले वाहनों को डिबाई व नरौरा की ओर निकाला जाएगा। गंगा पार संभल की ओर से आने वाले वाहनों को वहीं से नरौरा की ओर निकालने की व्यवस्था रहेगी। दूसरी ओर गढ़ गंगा मेले के चलते रूट डायवर्जन किया गया है। इसलिए दिल्ली, गाजियाबाद से अमरोहा होते हुए बरेली की ओर जाने वाले भारी वाहन सिकंदराबाद से भूड़ चौराहा से डिबाई, नरौरा, बबराला होते हुए अमरोहा से जाएंगे।
वहीं, मेरठ, हापुड़ की तरफ से रामपुर, बरेली की ओर जाने वाले वाहन भूड़ चौराहा से नरौरा, बबराला होते हुए भेजे जाएंगे। वहीं बरेली की ओर से मेरठ-हापुड़ जाने वाले भारी वाहनों को बबराला से वाया नरौरा-डिबाई से भूड़ चौराहा होते हुए भेजा जाएगा। इसी रूट से भूड़ चौराहे से भी दिल्ली की ओर भारी वाहन जाएंगे। अमरोहा की ओर से आने वाले वाहनों को भी बबराला से शिकारपुर होते हुए भेजा जाएगा। वहीं, बुलंदशहर से गढ़ जाने वाले मार्ग स्थित स्याना से आगे जाने वाले वाहनों पर रोक रहेगी।
मेला क्षेत्र को पांच जोन में बांटा, तैयारियां हुईं तेज
एसडीएम प्रियंका गोयल व नगर पालिका अध्यक्ष ब्रजेश त्रिपाठी ने बताया कि पांच किलोमीटर के क्षेत्र में लगने वाले मेले को पांच जोन में बांटा गया है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उनकी समस्याओं का 15 मिनट में समाधान किया जाएगा। मुख्य गंगा स्नान गंगापुल रेती में होगा। पुलिस प्रशासन ने इस बार मेले में तीन लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है। 10 दिवसीय कार्तिक मेला देवोत्थान एकादशी पर शुरू होगा।
मेले का मुख्य गंगा स्नान कार्तिक पूर्णिमा के दिन पांच नवंबर को होगा। पांच स्थानों पर गंगा स्नान होगा। सभी स्नान घाटों पर वॉच टावर बनाए जा रहे हैं, जहां पुलिस बल तैनात रहेगा। छेड़छाड़ और स्नैचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सादा वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों सहित अन्य पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। गंगा में जल की गहराई को देखते हुए, स्नान करने योग्य गहराई तक त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की जाएगी।
अहार, कर्णवास और नरौरा के घाटों पर भी लगेगा मेला
अनूपशहर के अलावा कार्तिक पूर्णिमा पर अहार, कर्णवास और नरौरा के गंगा घाटों पर भी मेला लगेगा। इसके लिए जिला प्रशासन, नगर पालिका व अन्य ने अपनी-अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यहां पर मेले लगाने समेत गंगा में सुरक्षित स्नान कराने के लिए बैरिकेडिंग समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है।