फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुछ विभाग में आए करोड़ों तो कई विभाग ने करोड़ों किए सरेंडर

विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ विभाग में आए करोड़ों तो कई विभाग ने करोड़ों किए सरेंडर
विज्ञापन

बुलंदशहर। वित्तीय वर्ष 2020-21 बुधवार को पूरा हो गया। पूरा दिन सरकारी विभागों के अफसर मिले बजट और खर्च की गई राशि के गुणा-भाग में जुटे रहे। देर शाम तक सभी विभागों ने अपने-अपने बजट की ट्रेजरी विभाग को जानकारी दी। इस दौरान कुछ विभागों को करोड़ों की राशि मिली तो कई विभागों ने करोड़ों खर्च न होने पर सरेंडर किए हैं।
31 मार्च को वित्तीय वर्ष 2020-21 के समापन पर सभी बैंक और सरकारी दफ्तरों में साल भर के कार्योें का लेख जोखा तैयार किया गया। कलक्ट्रेट स्थित मुख्य कोषागार कार्यालय में सुबह से अफसर और कर्मी जनपद के सभी विभागों में विकास कार्य के लिए आई राशि और खर्च की गई राशि का लेख जोखा तैयार करने में जुटे रहे।
विज्ञापन

विभागीय आंकड़ों की बात करें तो एग्रीकल्चर विभाग को 31,09,60,484 की राशि प्राप्त हुई थी, वर्ष भर में विभाग ने इसमें से 290192046 राशि खर्च की। जबकि, 20,76,8438 राशि का सरेंडर किया गया है। इसके अलावा एग्रीकल्चर एंड अदर एलाइड डिपार्टमेंट (पंचायती राज) को गत वित्तीय वर्ष में 374052130 राशि का बजट मिला था। विभाग ने इस दौरान कुल 383915893 का व्यय किया। वित्तीय वर्ष में इस विभाग ने 9863763 रुपये अतिरिक्त व्यय किया है। वहीं, होम डिपार्टमेंट (पुलिस) को कुल 2150643655 राशि का बजट मिला था। जिसमें से विभाग ने 2140674038 रकम व्यय की। जबकि, विभाग का 9969617 रुपये सरेंडर किया है। वहीं, होम डिपार्टमेंट (पॉलिटिकल पेंशन) को कुल 53108394 बजट मिला, जिसमें से मात्र 33113768 का व्यय हुआ। कुल सरेंडर 19994626 रुपये का हुआ है। साथ ही मेडिकल डिपार्टमेंट एलोपैथी को कुल 826557588 बजट और व्यय 756444205 रुपये का हुआ और सरेंडर राशि इस वित्तीय वर्ष की 70113383 रुपये रही। मेडिकल डिपार्टमेंट के फैमिली वेलफेयर को 266746415 रुपये का बजट हुआ और व्यय 210566483 हुई। जबकि, 56179932 रुपये सरेंडर किए गए हैं। जबकि, पब्लिक हेल्थ स्वास्थ्य विभाग के लिए 119248410 रुपये बजट हुआ और व्यय 103905163 रुपये हुआ। इस डिपार्टमेंट से कुल 15343247 रुपये सरेंडर किए गए हैं। मुख्य कोषाधिकारी सत्येंद्र पाल ने बताया कि सभी विभागों का डाटा एकत्र कर शासन को भेजा रहा है।
इन विभागों में भी इतनी राशि हुई सरेंडर
बेसिक शिक्षा विभाग के लिए वित्त वर्ष के आखिरी दिन एमडीएम के लिए 29 करोड़ की राशि का पेमेंट कर दिया। जबकि, करीब एक करोड़ की राशि सरेंडर कर दी गई। स्वेटर, जूता-जुराब आदि मद में से दो करोड़ रुपये की राशि सरेंडर कर दी गई। जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल ने बताया कि विभाग ने सफाईकर्मियों के वेतन आदि की बची एक करोड़ से अधिक की राशि सरेंडर की है। जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 19 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी। कोरोना संक्रमण के चलते सामूहिक विवाह नहीं हो सके। इसके चलते यह राशि सरेंडर कर दी गई है।
उद्यान विभाग ने किसानों को दिए 2.04 करोड़
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पानी बचाने के लिए किसानों को फव्वारा विधि से खेतों की सिंचाई के लिए सब्सिडी दी जाती है। इसके लिए शासन से योजना के तहत 3.50 करोड़ की राशि प्राप्त हुई थी। इसमें से दो करोड़ की राशि कई दिन पूर्व ही शासन को वापस कर दी गई थी। जबकि इसमें से बची डेढ़ करोड़ और विभाग के पास 54 लाख की राशि पहले से बची थी। यह राशि 2.04 करोड़ थी और यह राशि वित्त वर्ष के आखिरी दिन तक 200 से अधिक किसानों को प्रदान कर दी गई है।
विज्ञापन

माध्यमिक शिक्षा ने आखिरी दिन तक खर्च किए 200 करोड़
शासन से प्रत्येक वित्त वर्ष में शिक्षकों के वेतन आदि के लिए 200 करोड़ से अधिक की राशि मिलती है। वित्त एवं लेखा अधिकारी अरुण सिन्हा ने बताया कि वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन तक मिली पूरी राशि को खर्च कर दिया गया है। विभाग की ओर से किसी भी तरह की राशि को सरेंडर नहीं किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें