बुलंदशहर। जिला अस्पताल में एआरएस (एंटी रेबीज सीरम) समाप्त होने से दो दिन में आठ जख्मी लोगों को दिल्ली रेफर किया गया। मंगलवार को एक महिला समेत चार लोगों को दिल्ली के लिए रेफर किया गया। इससे लोगों ने नाराजगी जाहिर की। एआरएस की आपूर्ति न मिलने तक लोगों को दिल्ली जाना पड़ेगा।
जिला अस्पताल की ओपीडी में 25 मार्च से कुत्ता, बंदर, बिल्ली या अन्य जंगली जानवर के काटने पर खून निकल आने या गर्दन से ऊपर काटने पर एआरएस लगने की सुविधा शुरू की गई। दो माह तक 24 मई तक अस्पताल में 200 लोगों को एआरएस लगाई गई। इसके लगने से लोगों को दिल्ली जाने से राहत मिली लेकिन 24 मई को एआरएस की डोज समाप्त हो गई। इसके बाद आने वाले मरीजों को दोबारा दिल्ली रेफर किया जाने लगा है।
मंगलवार को अगौता सीएचसी से रेफर होकर पहुंची महिला मंजू को भी दिल्ली रेफर कर दिया गया। गांव सीही निवासी 44 वर्षीय महिला मंजू ने बताया कि 25 मई को एक कुत्ते ने उल्टे पैर पर काट लिया। काटने पर गहरा जख्म हो गया। अगौता सीएचसी पहुंची तो वहां पर एआरवी लगाने के बाद जिला अस्पताल भेज दिया। यहां आए तो दिल्ली जाने की सलाह दी है। इसके अलावा सोमवार को एक बच्चा समेत चार लोगों को मंगलवार को महिला समेत चार लोगों को एआरएस लगवाने के लिए जिला अस्पताल से दिल्ली रेफर किया गया।
नोडल अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि एंटी रेबीज सीरम के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। संवाद