रुपये जमा करने और बदलने के लिए लगी भीड़।
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नोटबंदी के बाद आम आदमी के सामने आ रही पेमेंट संबंधी दिक्कत को देखते हुए भारत सरकार के त्रिवेणी केंद्रों पर ई-वॉलेट बनाने की व्यवस्था जल्द ही होगी। इसको लेकर त्रिवेणी केंद्र संचालकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग में ई-वॉलेट बनाने का तरीका सिखाया जाएगा। ई-वॉलेट से पेटीएम की दर्ज पर पेमेंट की सुविधा दी जाएगी।
नोटबंदी के बाद आम आदमी के सामने छोटा छोटा पेमेंट (चाय वाला, सब्जी वाला, अचार वाला आदि) करने में दिक्कत आ रही है। इसी को देखते हुए त्रिवेणी केंद्रों पर ई-वॉलेट तैयार करने का खाका खींचा गया है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी के पास आदेश भी पहुंच गया है।
जिला सूचना विज्ञान केंद्र से त्रिवेणी संचालकों को औपचारिक सूचना दे दी गई है। जल्द ही त्रिवेणी संचालकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग में ई-वॉलेट बनाने का तरीका संचालकों को सिखाया जाएगा।
इसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त लोग अपने इ-वॉलेट से छोटे-मोटे खर्च से लेकर बिल जमा करने तक के काम मोबाइल से ही कर सकेंगे। इससे उन्हें कैश से संकट से राहत मिलेगी।
क्या है इ-वॉलेट
ई वॉैलेट पेटीएम की तर्ज पर भुगतान करने में मददगार होगा। इ-वॉलेट को आपके बैंक एकाउंट से कनेक्ट किया जाएगा। बैंक एकाउंट से ई वॉैलेट में लिमिट के हिसाब धनराशि ट्रांसफर होगी। इसके बाद ई वॉलेट में आई धनराशि से छोटे से छोटा पेमेंट भी कर पाएगे। नई व्यवस्था के बाद आपको जेब में करेंसी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इ-वैलेट से संबंधित आदेश प्राप्त हो गया है। इसी क्रम में त्रिवेणी केंद्र संचालकों को सूचना भेज दी गई है। जल्द ही इस संबंध में ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन होगा।
-एमपी सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी