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भ्रष्टाचार और महिला निरीक्षक से अभद्रता पर डीएसओ निलंबित

सार

मीनाक्षी ने रोते हुए आरोप लगाया था कि जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह, पूर्ति लिपिक योगेंद्र सिंह और लिपिक राजबीर सिंह एक शिकायत को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इससे पहले बागपत जिले में डीएसओ कार्यालय में अस्थाई तौर पर तैनात एक कर्मचारी ने भी डीएसओ पर भ्रष्टाचार करने और नौकरी के नाम पर छह लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर विभाग में काफी तनातनी रही थी।अब डिप्टी कलक्टर संदीप संभालेंगे चार्ज डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी के निलंबन का शासन का आदेश जिला प्रशासन ने तामील करा दिया है।
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भ्रष्टाचार और महिला निरीक्षक से अभद्रता पर डीएसओ निलंबित
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बुलंदशहर/लखनऊ। शासन ने राशन विक्रेताओं से अवैध वसूली, स्टाफ का उत्पीड़न और महिलाकर्मियों के प्रति अनैतिक व्यवहार करने के आरोप में बुलंदशहर के जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) अभय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। स्याना विधायक, यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन, आपूर्ति स्टाफ राशन विक्रेता कल्याण समिति समेत कई स्तरों से शासन को शिकायत मिली थी। अब शासन ने बड़ कार्रवाई कर दी है। शिकायत करने वाली महिला निरीक्षक ने डीएसओ के साथ दो लिपिकों के खिलाफ भी आरोप लगाए थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
27 जून को महिला पूर्ति निरीक्षक मीनाक्षी तोमर ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को शिकायत दी थी। मीनाक्षी ने रोते हुए आरोप लगाया था कि जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह, पूर्ति लिपिक योगेंद्र सिंह और लिपिक राजबीर सिंह एक शिकायत को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी। एक फर्जी शिकायत के जरिये उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले में डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी थी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इससे पहले बागपत जिले में डीएसओ कार्यालय में अस्थाई तौर पर तैनात एक कर्मचारी ने भी डीएसओ पर भ्रष्टाचार करने और नौकरी के नाम पर छह लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया था। स्याना विधायक देवेंद्र सिंह लोधी, यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स व आफिसर्स एसोसिएशन, आपूर्ति स्टाफ, राशन विक्रेता कल्याण समिति, प्रांतीय सचिव डॉ. सीपी सिंह ने डीएसओ पर कोटेदारों से अवैध वसूली, अभद्रता करने और राशन डीलरों पर फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इनके अलावा अन्य मामलों की पहले से ही शासन स्तर से जांच चल रही थी। विशेष सचिव मार्कंडेय शाही की जांच रिपोर्ट में भी अभय प्रताप सिंह दोषी पाए गए थे। इसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर संभागीय खाद्य नियंत्रक सहारनपुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
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पूर्व में भी जिला पूर्ति अधिकारी को किया गया था निलंबित
जिले का आपूर्ति विभाग पूर्व में भी विवादों में रहा है। जब से फूड सिक्योरिटी योजना शुरू हुई है तभी से राशन की कालाबाजारी के मामलों में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत होने के आरोप लगते रहे हैं। इससे पहले 2016 में डीएसओ रहे द्वारका प्रसाद त्रिपाठी पर भी महिला निरीक्षक ने भ्रष्टाचार और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी शासन ने द्वारका प्रसाद त्रिपाठी को निलंबित किया था। पिछले दिनों एक सप्लाई इंस्पेक्टर पर भी छतारी क्षेत्र में एक अवैध पेट्रोल पंप चलवाने का आरोप लगा था। इस मामले को लेकर विभाग में काफी तनातनी रही थी।
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अब डिप्टी कलक्टर संदीप संभालेंगे चार्ज
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी के निलंबन का शासन का आदेश जिला प्रशासन ने तामील करा दिया है। अब डिप्टी कलक्टर संदीप केला को जिला पूर्ति अधिकारी का चार्ज सौंपा गया है। बताया गया कि जल्द ही शासन स्तर से नए डीएसओ की तैनाती कर दी जाएगी।
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