बिना फार्मासिस्ट की डिग्री लिए दवा की दुकान चलाने वाले 215 कारोबारियों के ड्रग लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई फूड सेफ्टी एंव ड्रग विभाग ने की है।
जिले में दवा बिक्री (रिटेल) के 187 स्टोर हैं जबकि थोक विक्रेता 290 हैं। अब तक के नवीनीकरण संबंधी आंकड़ों के अनुसार 187 रिटेलर्स में से मात्र 44 रिटलर्स ने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया है। जबकि 290 दवा के थोक विक्रेताओं में से 228 ने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया है।
फार्मासिस्ट नहीं होने के कारण 143 रिटेलर और 72 थोक विक्रेताओं का लाइसेंस रदद कर दिया गया है। जून माह में लाइसेंस रद्द करने के संबंध में नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि हर खुदरा और थोक दवा दुकानों पर एक फार्मासिस्ट का होना अनिवार्य है। इसी के मद्देनजर ड्रग इंस्पेक्टर ने कार्रवाई की है।