फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद नए सिरे से गठित बैर की आशीर्वाद स्वास्थ्य टीम भी एडवांस हाजिरी लगाते पकड़ी गई है। इसके अलावा ऐसा ही करनामा करते धरपा और जहांगीराबाद समेत अन्य जगहों की आशीर्वाद टीम भी पकड़ी गई है।
इन टीमों के चिकित्सक से लेकर स्टाफ तक एडवांस में हाजिरी लगाते पकड़े गए हैं। सीएमओ ने हाजिरी के रजिस्टरों को सीज कर दिया है।
चिकित्सकों और स्टाफ का वेतन रोककर संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा प्रभारी अधिकारियों को तलब किया गया है।
सीएमओ ने बैर, धरपा, जहांगीराबाद समेत कई अस्पतालों की आशीर्वाद टीमों की जांच की। जांच में धरपा, बैर और जहांगीराबाद में आशीर्वाद स्वास्थ्यकर्मी एडवांस में हाजिरी लगाते पकड़े गए।
धरपा और बैर में तो आशीर्वाद चिकित्सकों और स्टाफ ने 28 से 31 दिसंबर तक की हाजिरी एडवांस में लगा रखी थी। ऐसे 15 से ज्यादा चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी पकड़े गए हैं, जिनकी एडवांस में हाजिरी लगी मिली है।
इसके अलावा रिकॉर्ड में ऐसे फर्जीवाड़े भी पकड़े गए है, जिसमें एक बच्चे को सप्ताह में तीन-तीन बार जांच दर्शायी गई है। इसके अलावा टीमों के पास दवाएं भी पर्याप्त नहीं मिलीं।
सीएमओ ने चिकित्सकों और कर्मियों का वेतन रोककर संविदा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया है। इसके अलावा प्रभारी अधिकारियों को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रभारियों की मिलीभगत से बढ़ रहा हौसला
आशीर्वाद स्वास्थ्य टीमों ओर से किए जा रहे लगातार फर्जीवाड़े में अस्पताल प्रभारियों की मिलीभगत शामिल है। यही कारण है कि लगातार जांच और कार्रवाई के बावजूद आशीर्वाद टीमों के चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं।
बैर, धरपा समेत कई अस्पतालों की जांच की गई तो पता चला कि आशीर्वाद चिकित्सक और कर्मी एडवांस में हाजिरी लगा रहे हैं। एडवांस में हाजिरी लगाते मिले सभी 15 चिकित्सक और कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। इसके अलावा इन्हें संविदा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रभारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ