टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही 15 वर्षीया रहमत के दर्द का अफसरों को तब पता चला जब मुख्यमंत्री की चिट्ठी पर कार्रवाई शुरू हुई।
मुख्यमंत्री का पत्र मिलते ही प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारी हरकत में आ गए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य अफसरों को रहमत का स्वास्थ्य परीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि रहमत के शरीर में टीबी फैल गई है, जिससे उसके मुंह के ज्वाइंट लॉक हो गए हैं। शुक्रवार को सीएमओ ने टीम भेजकर रहमत का चेकअप कराया है।
डिबाई के मोहल्ला शेखान निवासी मोहब्बत अली की 15 वर्षीया बेटी रहमत को टीबी की बीमारी हो गई। मोहब्बत अली ने बताया कि धीरे-धीरे टीबी रहमत के पूरे शरीर में फैल गई।
जिसके कारण रहमत के जबड़े लॉक हो गए और उसका मुंह खुलना बंद हो गया। उन्होंने बताया कि रहमत का अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में उपचार हुआ। ऑपरेशन के बाद उसका मुंह खुला, लेकिन बाद में फिर लॉक हो गया।
अब उसका उपचार एम्स दिल्ली में चल रहा है। गरीबी के कारण मोहब्बत अली अपनी बेटी का ठीक प्रकार से इलाज नहीं करा पा रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि रहमत के इलाज में डेढ़ से दो लाख का खर्चा आएगा।
इसके बाद मोहब्बत अली ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपनी आपबीती सुनाई। पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बी. चंद्रकला को पत्र भेजकर रहमत की स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी है।
शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री का पत्र मिलते ही डीएम ने सीएमओ को मौके पर स्वास्थ्य टीम भेजने के निर्देश दिए। सीएमओ ने मौके पर टीम भेजकर रहमत का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। एसडीएम ललता प्रसाद शाक्य और तहसीलदार भी बाद में रहमत के घर पहुंचे।
दवाइयों ने काम करना बंद किया
रहमत का परीक्षण करने वाले जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. फूल कुमार ने बताया कि रहमत की बीमारी गंभीर स्टेज में पहुंच गई है।
यही कारण है कि रहमत पर अब दवाइयों का कोई असर नहीं हो रहा है। वरिष्ठ सर्जन डॉ. फूल कुमार ने बताया कि उन्होंने रहमत का स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया है। रिपोर्ट सीएमओ सौंप दिया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद स्वास्थ्य टीम को मौके पर भेजकर रहमत का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। रिपोर्ट में पता चला है कि रहमत के पूरे शरीर में टीबी फैल गई है। इसके कारण उसका जबड़ा लॉक हो गया है। रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बच्ची का उपचार अलीगढ़ या एम्स में ही हो सकता है। जनपद में उस स्तर का उपचार संभव नहीं है। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ