जनपद की गंदी तस्वीर को बदलने के लिए जिलाधिकारी ने ‘मूल्य प्लान’ का सहारा लिया है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही कूड़ा उठाने के लिए मूल्य भी वसूला जाएगा। प्रत्येक घर से कूड़ा उठाने के लिए न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया जाएगा।
डलाव घरों की संख्या को भी कम किया जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ शहरों की सूची में बुलंदशहर एक बार फिर पिछड़ गया। बुलंदशहर की गंदी सूरत को बदलने के लिए अब जिलाधिकारी ने कमान अपने हाथ में ली है। जनपद को स्वच्छ बनाने के लिए डीएम ने मूल्य प्लान जारी किया है।
इसके तहत डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक घर से न्यूनतम मूल्य भी लिया जाएगा। प्रत्येक घर से कूड़ा उठाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी। डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करने के साथ ही डलाव घरों की संख्या को भी धीरे-धीरे कम किया जाएगा।
नगर पालिका अफसरों को निर्देश दिए गए कि स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए दीवारों पर स्लोगन लिखे जाएंगे। स्वच्छता को लेकर आम लोगों से नारे और स्लोगन लिए जाएंगे। श्रेष्ठ नारे और स्लोगन को जिलाधिकारी के स्तर से पुरस्कृत किया जाएगा।
50 पैसे प्रतिदिन देना होगा शुल्क
पालिका के एक अफसर ने बताया कि जिलाधिकारी के मूल्य प्लान पर तैयारी शुरू कर दी गई है। सभी नगर पालिका-पंचायतों में यह व्यवस्था की जाएगी कि कूड़े के लिए डोर-टू-डोर पहुंचा जाए। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी। प्रत्येक घर से कूड़ा उठाने के लिए 50 पैसे प्रति दिन शुल्क वसूला जाएगा।
जनपद को स्वच्छ बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। पालिका अफसरों को निर्देश दिए हैं कि डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र किया जाए। इस काम में स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाए। प्रत्येक घर से कूड़ा उठाने के लिए न्यूनतम चार्ज वसूला जाएगा। डलाव घरों की संख्या कम की जाएगी। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
- डॉ. रोशन जैकब, जिलाधिकारी