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एसआईटी से बड़ी नहीं जिला पंचायत की जांच टीम : एसोसिएशन

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बुलंदशहर। बुलंद सिटी सेंटर में दुकानों और यूनिटों के आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए जिला पंचायत की ओर से बनाई गई जांच टीम पर बुलंद सिटी सेंटर एलॉटीज वेलफेयर एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के सचिव राजा राम ने कहा कि जिस मामले की जांच पहले से ही एसआईटी कर चुकी है, उसी प्रकरण में जिला पंचायत की अलग जांच टीम बनाना न केवल नियमों के विपरीत है बल्कि इससे आवंटियों के बीच भ्रम और भय का माहौल बनाया जा रहा है।
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कलक्ट्रेट के पास स्थित जमीन पर जिला पंचायत की ओर से मॉल का निर्माण कराया गया था। निर्माण के दौरान से ही मॉल में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। बार-बार जांच पर जांच हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। शासन से गठित एसआईटी ने भी जांच की लेकिन अब फिर से भ्रष्टाचार का जिन्न बाहर आ गया है। अपर मुख्य अधिकारी की ओर से मॉल में फ्लैट व दुकानों के आवंटन में भ्रष्टाचार की बात कहते हुए जांच टीम गठित की।
टीम की ओर से जांच किए जाने के बाद अब बुलंद सिटी सेंटर एलॉटीज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई है। एसोसिएशन के सचिव राजा राम ने कहा कि हाल ही में जिला पंचायत के संपत्ति लिपिक सुशांत श्रीवास्तव के खिलाफ हुई कार्रवाई और उन्हें नोटिस जारी किए जाने के बाद पूरे मामले को नया मोड़ देने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यदि विभागीय कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध रही है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए लेकिन वर्षों पहले आवंटन प्राप्त कर चुके दुकानदारों और यूनिट धारकों को बार-बार परेशान करना उचित नहीं है।
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निर्माण के बाद से लगातार हो रहे आवंटन, अब सवाल क्यों
एसोसिएशन के सचिव राजा राम ने कहा कि बुलंद सिटी सेंटर के निर्माण के बाद से अब तक जिला पंचायत कई बार दुकानों और यूनिटों का निरस्तीकरण, पुनः आवंटन और नामांतरण करती रही है। यदि इन सभी प्रक्रियाओं के दौरान कोई फर्जीवाड़ा हुआ है तो यह पिछले कुछ समय में ही कैसे सामने आया। पूर्व में बैठे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को यह भ्रष्टाचार क्यों नहीं दिखाई दिया।

बोले, एसआईटी के बाद अब जांच टीम का महत्व नहीं
एसोसिएशन सचिव राजा राम का कहना है कि वर्ष 2022 में बुलंद सिटी सेंटर के आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर शासन ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने अपनी जांच की, ऐसे में अब शासन की जांच के बाद इस जांच टीम का कोई फायदा भी नहीं है।

भ्रमित कर रहे कर्मचारी, भूमिका की हो जांच
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के कुछ कर्मचारी अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) को अधूरी और भ्रामक जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं। बार-बार आवंटियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन वैध दस्तावेजों के आधार पर आवंटन प्राप्त करने वाले लोगों का उत्पीड़न बंद किया जाए।


कोट -
मॉल में कई फ्लैट-दुकानों का आवंटन किसी व्यक्ति के नाम किया गया था जबकि रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम पर की गई थी। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद संबंधित फाइल मंगाई गई तो बाबू फाइल नहीं दे सका है। जिसके चलते मॉल में हुए आवंटन की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुधीर कुमार, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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