बुलंदशहर। जिले के 11 सरकारी चिकित्सालयों में लगीं डिजिटल एक्सरे मशीनों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ा जाएगा। शुरुआत में चार चिकित्सालयों में लगी आधुनिक हाई रेजोल्यूशन क्षमता वाली मशीनों को एआई से जोड़ा जा चुका है। मशीन में आधुनिक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया है। इससे अब एक्सरे की रिपोर्ट में बीमारियों की पहचान तेजी व सटीक हो सकेगी।
जिले के 11 सरकारी चिकित्सालयों में डिजिटल एक्सरे मशीनें लगी हुई हैं लेकिन अधिकांश जगह रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने की वजह से मरीजों को समय से रिपोर्ट नहीं मिल पाती। जिले में टीबी के मरीज भी बढ़ रहे हैं। इन मरीजों को समय पर रिपोर्ट मिल सके, इसके लिए जिले का स्वास्थ्य विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का प्रयोग करने में जुट गया है। इसके लिए चार सरकारी चिकित्सालयों पर लगी डिजिटल एक्सरे मशीन को एआई तकनीक से जोड़ दिया गया है।
चेस्ट के एक्सरे में होगा प्रयोग
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हेमंत रस्तोगी ने बताया कि जिले में एआई का फायदा ऐसे चिकित्सालयों पर होगा, जहां रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। टीबी का पता लगाने के लिए मरीजों का चेस्ट एक्स-रे किया जाता है लेकिन कई चिकित्सालयों में रेडियोलॉजिस्ट नहींं है, जिससे मरीजों को पता नहीं पड़ पाता कि उन्हें कितनी गंभीर बीमारी है। अब इस समस्या से मरीजों को एआई से राहत मिलेगी। एआई टूल को इस तरह विकसित किया गया है कि वह किसी भी बीमारी में फेफड़ों में हो रहे बदलाव के पैटर्न को पहचान सके। एआई फेफड़ों में होने वाली 16 विभिन्न पैटर्न से जुड़ी बीमारियों का तुरंत पता लगा सकता है। इसमें निमोनिया, एडिमा, फाइब्रोसिस, डायाफ्राम की हर्निया, कोविड, कैंसर, फेफड़ों की झिल्ली में सूजन, पानी भरना और गांठ आदि हैं। इसकी रिपोर्ट ऑनलाइन भी अपलोड की जा सकेगी।