नगर के जैन मंदिर में पूर्जा करते जैन समाजजे लोग। संवाद
बुलंदशहर। जैन समाज की ओर से दशलक्षण महापर्व के तहत मंदिरों में दस दिवसीय विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। महापर्व के सातवें दिन मंगलवार को उत्तम तप दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं ने तप धर्म का महत्व समझा। मनोज जैन ने बताया कि उत्तम तप धर्म मनुष्य को अपने भीतर के विकारों का त्याग कर संयम धारण करने और आत्मशुद्धि के लिए तप करने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर वेदांत एवं प्रज्ञा जैन ने सपरिवार पूजा संपन्न कराई। प्रज्ञा जैन ने कहा कि राग-द्वेष का त्याग कर आत्मस्वरूप में लीन होने से इच्छाओं का क्षय होता है। अपने भीतर के विकारों पर विजय प्राप्त करना ही उत्तम तप है। उन्होंने श्रद्धालुओं से दशलक्षण महापर्व के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। दोपहर में जैन समाज के परिवारों ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। शाम को मंदिर परिसर में बच्चों और बड़ों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।