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Bulandshahar News: जिला अस्पताल के नाम परिवर्तन पर किया धरना-प्रदर्शन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल का नाम परिवर्तन के विरोध में कांग्रेस, उद्योग व्यापार मंडल और अन्य सामाजिक संगठन के बैनर तले शनिवार को धरना-प्रदर्शन किया गया। सभी लोग राजेबाबू पार्क में एकत्रित हुए और यहां से कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि बाबू बनारसी दास के नाम से खिलवाड़ हुआ तो आंदोलन होगा।
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बाबू बनारसी दास स्वतंत्रता संग्राम के जुझारू सेनानी रहे। 1946 से बुलंदशहर की विभिन्न विधानसभा सीटों पर विधायक रहे। उत्तर प्रदेश सरकार में डिप्टी मिनिस्टर और 1962 में मुख्यमंत्री भी रहे बाद में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे। राज्यसभा सदस्य प्रोटेम स्पीकर राज्यसभा रहे और बुलंदशहर से सन 1983 में लोकसभा सांसद रहे। उन्होंने जिले में काफी विकास कार्य करावाएं। उनके देहांत के बाद 1985 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने बुलंदशहर जिला अस्पताल का नाम बाबू बनारसी दास राजकीय चिकित्सालय कर दिया था। आरोप लगाया कि वर्तमान प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेज का निर्माण करा रही हैं, जिसका नाम कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज रखा गया है। यह बहुत खुशी की बात है कि बुलंदशहर की चिकित्सा शिक्षा में सुधार होगा, लेकिन यह आपत्तिजनक है कि मेडिकल कॉलेज के साथ जो अस्पताल बनेगा, प्रदेश सरकार उसका अलग से निर्माण कार्य नहीं करा रही है बल्कि, बाबू बनारसी दास जिला चिकित्सालय जो पहले से है उसका नाम बदलकर कल्याण सिंह मेडिकल कालेज के एक हिस्से के रूप में जोड़ रही है। इसका सभी विरोध कर रहे हैं। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश भाटी, शहर अध्यक्ष प्रशांत बाल्मीकि, जिला व्यापार मंडल नरेंद्र के जिला प्रमुख राजेंद्र अग्रवाल, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष टुक्कीमल खटीक, युवा जिला अध्यक्ष जिया-उर्र-रहमान, गुर्जर महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव चौ. श्यौपाल सिंह, सुभाष गांधी, मुनीर अकबर और डॉ. सुजात अली आदि शामिल रहे।
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