संवाद न्यूज एजेंसी
सिकंदराबाद। अलीगढ़ के थाना सिविल लाइंस इलाके के दोदपुर निवासी यशोदा की उसके प्रेमी ने ही हत्या की थी। यशोद का शव 30 मार्च को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हदीमपुर के रास्ते पर नाले की पुलिया में मिला था। शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने लावारिश में अंतिम संस्कार कर दिया था। शुक्रवार को सिकंदराबाद पहुंची मृतका की बहन नीलम ने कड़े, जूते, कपड़े और अन्य सामान के आधार पर पहचान की। परिजनों ने 24 मार्च को थाना सिविल लाइन में यशोदा की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
अलीगढ़ के एसपी सिटी कुलदीप सिंह ने बताया कि 32 वर्षीय यशोदा निवासी दोदपुर, सिविल लाइंस बीएससी तक पढ़ाई की थी। वह नौकरी की तलाश में थी। पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में छह बहन और तीन भाई और मां है। 24 मार्च को यशोदा इंटरव्यू देने के लिए नोएडा जाने की बात कहकर घर से गई थी। यशोदा की बातचीत सुरेंद्र कुमार निवासी अटेरना,थाना पहासू जनपद बुलंदशहर से होती थी। कॉल डिटेल से इसकी पुष्टि हुई। 24 मार्च को यशोदा और सुरेंद्र की लोकेशन एक ही थी। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि सुरेंद्र नोएडा के सेक्टर 86, थाना फेस-2 में क्लीनिक चलाता है। वह अपंजीकृत चिकित्सक है। शुक्रवार को उसे सिविल लाइंस इलाके की ठंडी सड़क से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यशोदा से उसकी दोस्ती बीएससी की परीक्षा के दौरान अतरौली के एक परीक्षा केंद्र पर हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी तो प्रेम संबंध हो गए। पिछले दिनों उसकी शादी हो गई। यशोदा इस बात से नाराज थी और पत्नी को छोड़ उससे शादी करने का दबाव बना रही थी। प्लानिंग के तहत इंटरव्यू के बहाने यशोदा को मिलने बुलाया और गला दबाकर हत्या करने के बाद सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के हमीदपुर में शव नाले में फेंक दिया था। आरोपी के पास से मृतका का आधार कार्ड बरामद हुआ है। फोन उसने कहीं फेंक दिया। उसे भी बरामद करने के प्रयास जारी है। आरोपी सुरेंद्र को जेल भेज दिया गया है।