बुगरासी (अजय कुमार)। पावर कारपोरेशन में संविदाकर्मियों की जान इतनी सस्ती हो गई है कि उनको किसी भी खतरनाक काम पर लगा दिया जाता है। कारपोरेशन अफसरों की लापरवाही से संविदाकर्मियों को मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। ड्यूटी कुछ भी हो, लेकिन काम जोखिमभरा दिया जाता है। यही कारण है कि एक साल में 20 से ज्यादा संविदाकर्मी लापरवाही का शिकार हो चुके हैं।
बुगरासी बिजलीघर पर तैनात संविदाकर्मी अमरदीप की ड्यूटी संदेशवाहक की थी। उसका काम होता है कि वह लाइन पर काम के दौरान लाइनमैन के साथ जाए और एसएचओ को सूचना दे। इसके अलावा संदेशवाहक की ड्यूटी लाइन पर काम के दौरान सूचना आदानप्रदान की होती है, लेकिन संदेशवाहक को मरने के लिए लाइन पर चढ़ा दिया गया।
यदि अमरदीप से संदेशवाहक की ड्यूटी ली गई होती तो शायद यह नौबत नहीं आती। एक साल में 20 से ज्यादा संविदाकर्मी की मौत हो चुकी है। सभी कर्मी लापरवाही का शिकार हुए हैं। अधिकांश कर्मियों के परिजनों को मुआवजा तक नहीं दिया गया।