मोहल्ला भीमनगर में शनिवार को शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत के 40 घंटे बाद भी पुलिस अभी तक उन लोगों का पता नहीं लगा पाई है जिनसे मृतकों ने शराब खरीदी थी। पुलिस न तो मौके से शराब का सैंपल ही जुटा पाई और न ही शराब बिक्री के नेटवर्क का सिरा तलाश पाई।
अलबत्ता खानापूरी के लिए आबकारी टीम ने रविवार को पुलिस के साथ मोहल्ले में छापेमारी की और अरुणाचल प्रदेश की शराब के कुछ पौव्वे बरामद किए। वहीं दूसरी ओर मेरठ में भर्ती तीन लोगों का इलाज चल रहा है। तीनों की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
खास बात यह कि पुलिस ने शराब से दो लोगों की मौत के मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। पुलिस का तर्क है कि परिजनों ने कोई अभियोग दर्ज नहीं कराया है। केवल मृतक लोकेश के भाई गिरीश की मात्र शराब पीने से मौत की सूचना दर्ज की गई।
उधर, रविवार को आबकारी विभाग की टीम ने जिला आबकारी अधिकारी आनन्द शंकर राय के नेतृत्व में मोहल्ला भीमनगर सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर ढाई पेटी शराब बरामद की। इस संबंध में अर्जुन निवासी ग्राम छपरावत को गिरफ्तार किया गया है।
थानाध्यक्ष बृमेश कुमार यादव ने बताया कि बरामद शराब उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए प्रतिबंधित है। इसे अन्य प्रदेश से यहां बिक्री के लिए लाया गया था। उधर, पुलिस ने जिंदल फैक्टरी के निकट एक व्यक्ति को 20 पव्वा अरुणांचल प्रदेश की शराब के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम जितेंद्र निवासी ग्राम नूरपुर की मडैया है।