हाईवे पर हैवानियत के बाद आनन-फानन हिरासत में लिए गए नरेश और बबलू का कुछ पता नहीं है। उनके गांव के लोग 27 जुलाई से दोनों के गायब होने की बात कह रहे हैं जबकि पुलिस अफसर रईस, शावेज और जबर सिंह में से दो के ही नरेश और बबलू होने का दावा कर चुके हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि वैर से 27 जुलाई को उठाए गए नरेश ठाकुर और बबलू बावरिया कहां हैं? सूत्र उनको 15 अगस्त को हिरासत से छोड़े जाने के संकेत दे रहे हैं जबकि नरेश और बबलू अब तक अपने घर नहीं पहुंचे हैं।
बता दें कि बुलंदशहर में हाईवे पर हैवानियत के बाद जब प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी जावीद अहमद जब बुलंदशहर पहुंचे तो उन्होंने दो बदमाशों के पकड़ने की पुष्टि कर दी। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, डीजीपी ने प्रेस कान्फ्रेंस में बबलू बावरिया और नरेश ठाकुर नाम के दो व्यक्तियों के नाम लिए थे।
गांव वालों का कहना है कि उन्हें तो पुलिस ने 27 जुलाई को ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव वैर से उठाया था। इनके खिलाफ न तो कोई केस दर्ज था और न ही वह वांछित थे जबकि बुलंदशहर गैंगरेप की वारदात 29 जुलाई की रात हुई थी।
सूत्र बताते हैं कि इसके बाद जैसे ही एसएसपी से लेकर सिपाही तक नपने लगे तो एक अफसर ने बड़ी ही चालाकी से पूरी स्क्रिप्ट से दोनों का नाम गायब कर दिया और पोल न खुले, इस डर से बबलू और नरेश को हिरासत में रखे रखा। मामले की जांच सीबीआई को जाने के बाद पुलिस ने 15 अगस्त को 19 दिन बाद बबलू और नरेश को हिरासत से छोड़ दिया।
वहीं, ग्रामीण अभी तक नरेश और बबलू के गांव नहीं पहुंचने की बात कह रहे हैं। इस मामले में एसएसपी अनीस अंसारी ने कोई भी जानकारी होने से ही इनकार कर दिया।