अगौता थाना क्षेत्र के अहमदपुर टाडा गांव में छात्र की हत्या उसके चाचा ने की थी। पुलिस ने आरोपी चाचा मूसा को दबोचकर छात्र की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
आरोपी को पुलिस ने जौलीगढ़ तिराहे से दबोचा है। पूछताछ में आरोपी मूसा ने जमीन के बंटवारे को लेकर रंजिशन इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।
बता दें कि पांच जनवरी को अहमदपुर टाडा गांव निवासी इंटरमीडिएट के छात्र मसूद असलम उर्र्फ साकन (20) की ईंट से कुचलकर हत्या कर शव को ईख के खेत में फेंक दिया गया था।
मसूद के पिता मोहम्मद असलम ने हत्या के मामले में चार युवकों को नामजद कराया था। एसओ अगौता एचएन सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली कि मसूद असलम हत्याकांड में नामजद एक आरोपी जौलीगढ़ तिराहे पर भागने की फिराक में गाड़ी का इंतजार कर रहा है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी मूसा पुत्र अब्दुल गनी ने बताया कि उसने अपने भाई आमिर, अकबर तथा चाचा के लड़के कामरान के साथ मिलकर मसूद असलम की हत्या की है।
आरोपी मूसा ने पुलिस को बताया कि पुश्तैनी जमीन को लेकर उसके परिवार से विवाद चल रहा था। मसूद आये दिन परेशान करता रहता था। बंटवारे में मसूद को ज्यादा जमीन मिल गई थी।
इसके चलते मूसा अक्सर बंटवारे का विरोध करता था। जमीन का सही बंटवारा न होने के कारण ही मसूद असलम की हत्या की गई है। पुलिस ने मूसा को जेल भेज दिया है।
तमंचे की गोली से जा चुकी है एक आंख की रोशनी
औरंगाबाद। मसूद असलम की हत्या का आरोपी मूसा को भतीजे की हत्या का कोई गम नही है। शनिवार को मूसा चश्मा लगाकर फिल्मी स्टाइल में न्यायालय पहुंचा।
मूसा ने बताया कि चश्मा इसलिए चढ़ा रखा है कि करीब तीन वर्ष पूर्व तमंचा लोड करते समय गलती से गोली चल जाने से उसकी आंख खराब हो गई थी।