महिला थानेदार ने हाईकोर्ट के स्टे आॅर्डर का दरकिनार कर दहेज उत्पीड़न के आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने थानेदार को हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर की कॉपी दिखाई थी। महिला अफसर ने स्टे पर अमल करने की बजाए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
न्यायाधीश ने स्टे की कॉपी देखकर थानेदार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट की फटकार के बाद दोनों आरोपियों को छोड़ दिया गया। महिला अफसर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है।
गाजियाबाद के वैशाली निवासी शशि पत्नी हरपाल सिंह ने एसएसपी को बताया कि कुछ साल पहले उनके बेटे की शादी स्याना क्षेत्र की युवती से हुई थी। जनवरी माह में पुत्रवधू ने महिला थाने में पति, सास-ससुर और देवर पर दहेज उत्पीड़न व जानलेवा हमला करने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद शशि और हरपाल सिंह हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेकर आए। बुधवार दोपहर महिला थाना प्रभारी रजनी चौधरी ने वैशाली में दबिश देकर शशि और उसके पति हरपाल सिंह को पकड़ लिया।
शशि का आरोप है कि दबिश के दौरान महिला एसओ को होईकोर्ट के गिरफ्तारी पर स्टे की कॉपी दिखाई गई लेकिन उन्होंने उसे दरकिनार कर दिया और उन्हें थाने ले आईं। आरोप है कि दोनों को छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपये की मांग की।
मांग पूरी न होने पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पीड़ित ने न्यायाधीश के समक्ष हाईकोर्ट के स्टे कॉपी दिखाई तो न्यायाधीश ने थानाध्यक्ष को जमकर फटकारा। इसके बाद रजनी चौधरी ने दोनों को छोड़ दिया। पीड़िता ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर महिला थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।