नेशनल हाईंवे पर शुक्रवार रात हुई लूट और मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात के बाद आईजी-डीआईजी के निर्देश पर एसटीएफ ने जिले में डेरा डाल दिया है। शनिवार को दिनभर एसटीएफ और एडिशनल एसपी की टीमों ने छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।
पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। संदिग्ध से पूछताछ के आधार पर कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर हुई इस घटना ने बुलंदशहर से लेकर लखनऊ तक को हिलाकर रख दिया है। सूचना पर पहुंचीं डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से वारदात के बारे में जानकारी ली।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए एसटीएफ की मदद ली जा रही है। एसटीएफ की टीम ने जनपद में डेरा डाल लिया है। एसटीएफ और बुलंदशहर पुलिस की टीमों ने संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उससे पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। बताते हैं कि दोस्तपुर दरिंदों ने दोस्तपुर फ्लाईओवर के नीचे शराब पी थी।
बुलंदशहर। मां-बेटी के साथ गैंगरेप और लूटपाट में बावरिया गिरोह का हाथ होने की आशंका है। वारदात को अंजाम देने का तरीका जानने के बाद पुलिस अधिकारी भी इससे इनकार नहीं कर रहे हैं।
बावरिया गिरोह पर शक
बावरिया गिरोह की कार्यशैली में लूटपाट के दौरान लहूलुहान करना और रेप करना शामिल है। एक सप्ताह पहले खुर्जा के निर्माणाधीन कोल्डस्टोर में एक दर्जन से अधिक बदमाशों ने वहां काम करने वाले मजदूरों से मारपीट कर लूटपाट की थी। सूत्रों का कहना है कि बदमाशों ने महिलाओं के साथ रेप भी किया था।
नई मंडी चौकी क्षेत्र के जटापुर गांव में 10 जुलाई 2016 की रात सिपाही के परिवार से मारपीट कर नगदी-जेवरात लूट लिए थे। हमलवारों ने सिपाही के माता-पिता पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके तीन दिन बाद कोतवाली देहात के धमरावली गांव में लूटपाट के विरोध में महिला की गला काटकर हत्या कर दी थी।
बदमाशों ने भागते समय एक स्कूटर चालक के सिर में डंडा मारकर घायल भी किया था। एसपी सिटी राम मोहन सिंह ने बताया कि दो सप्ताह पहले बावरिया गिरोह को पकड़ने टीम राजस्थान गई थी, लेकिन वे फरार हो गए थे।
घंटों चली पुलिस अधिकारियों की बैठक
वारदात के बाद कई घंटों तक एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय, एसपी क्राइम अरविंद कुमार पांडेय, एसपी सिटी राम मोहन सिंह, स्वाट प्रभारी ओपी चौधरी, सर्विलांस प्रभारी रहीसुलहक समेत कई अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मीटिंग हुई। मीटिंग का मुख्य खुलासा करना था।
दरोगा रामेश्वर सिंह को मिला चार्ज
वारदात के बाद दरोगा रामेश्वर सिंह को कोतवाली देहात का चार्ज दिया है। एसओ रामेश्वर सिंह पर इस घटना को खुलासे के लिए दबाव रहेगा।